नई दिल्ली. Ashwin Amavasya 2019 Dates: अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को पितृ विसर्जनी अमावस्या कहा जाता है. इस दिन ही श्राद्ध पक्ष का समापन होता है और इस दिन ही पितृ लोक से आये हुए पूर्वज अपने लोक लौट जाते हैं. कहा जाता है कि इस दिन ब्राह्मण भोजन और दान करने करने से पितृजन तृप्त हो जाते हैं. इसके अलावा कहा यह भी कहा जाता है कि इस दिन पितृजन अपने पुत्र, पौत्रों और परिवार के अन्य सदस्यों को आशीर्वाद देते हैं. इस वर्ष आश्विन अमावस्या 28 सितंबर को मनाया जाएगा.

आश्विन अमावस्या के शुभ मुर्हूर्त

  • 28 सितंबर को 03:47:57 सुबह से आश्विन अमावस्या की शुरूआत होगी.
  • 28 सितंबर को 23:58:14 रात्रि तक आश्विन अमावस्या रहेगा.

आश्विन अमावस्या का महत्व

पौराणिक कथाओं की मानें तो ज्ञात और अज्ञात पितृजन पूजन के लिए अश्विन अमावस्या का पर्व मनाया जाता है. इसलिए अश्विव पर्व को पितृजनी अमावस्या और महालय विसर्जन भी कहा जाता है. अश्विन अमावस्या की सामाप्ति के दूसरे ही दिन शीत कालीन सत्र भी शुरू हो जाता है और इसी दिन सीतकालीन नवरात्री की शुरूआत होती है.

आश्विन अमावस्या के दिन पुण्य के लिए करे ये काम

  • आश्विन अमावस्या के दिन पितृ पत्र सामाप्त होता है और इस हिंदू धर्म में पितरो का पूजन किया जाता है.
  • इस दिन नदी, जलाशय या कुंड में स्नान के बाद पितरो को अर्घ्य दिया जाता है.
  • इस दिन पितृगण भूखे न रहे इसलिए घर के दरवाजों के पास खाने वस्तुएं रखी जाती है.
  • हिंदू धर्म में यह भी कहा जाता है कि अगर आपको पितरो की श्राद्ध तिथि याद न हो तो, इस दिन उनका श्राद्ध किया जा सकता है.
  • इस दिन व्यक्ति को दान करना चाहिए और जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए.

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