Amarnath yatra 

नई दिल्ली, Amarnath yatra  कोरोना महामारी की वजह से बंद हुई अमरनाथ की यात्रा दो वर्षों के बाद एक बार फिर से शुरू की जा रही है. इस बात की जानकारी जम्मू कश्मीर के उपराजयपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने दी है.

शुरू हुई फिर से यात्रा

रविवार को श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की बैठक हुई. इस बैठक की अध्यक्षता जम्मू कश्मीर (jammu and kashmir) के उपराजयपाल मनोज सिन्हा द्वारा की गयी. जहाँ अमरनाथ की यात्रा को एक बार फिर से शुरू किये जाने पर फैसला लिया गया. बता दें भक्तों द्वारा अमरनाथ के दर्शन के लिए की जाने वाली ये यात्रा कुल 43 दिनों की होती है. इस यात्रा को अब 30 जून से फिर से शुरू किया जा रहा है. कोरोना काल में संभावित खतरे को देखते हुए इसे बंद कर दिया गया था. जहां एक बार फिर भक्त ये यात्रा कर पाएंगे जो रक्षा बंधन के दिन समाप्त होगी. इस बैठक में आगामी यात्राओं के अलग मुद्दों को लेकर भी चर्चा की गयी.

कोरोना प्रोटोकॉल का करना होगा पालन

देश में कोरोना का खतरा कुछ कम हुआ है लेकिन महामारी अभी टली नहीं है. इसी के मद्देनज़र जम्मू कश्मीर में करवाई जाने वाली अमरनाथ यात्रा में भी सभी दर्शनार्थियों को कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन करना पड़ेगा. मास्क और उचित सामाजिक दूरी बनाकर रखते हुए सभी भक्त इस यात्रा को पूरा कर पाएंगे. बात करें अमरनाथ यात्रा की तो शिव भक्तों के लिए ये आस्था का प्रसिद्ध केंद्र है. हर साल लाखों की तादाद में भगवान शिव के भक्त यहां चढ़ाई करके उनके दर्शन के लिए आते थे जो पिछले दो वर्षों से बंद थी.

ये यात्रा पहलगाँव से बाबा अमरनाथ की गुफा तक की 51 किलोमीटर की दूसरी को घेरती है. साथ ही पंचतरणी से बाबा अमरनाथ की दूरी लगभग 6.5 किलोमीटर है.

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