नई दिल्ली, अक्षय तृतीया साल के चार सबसे शुभ मुहूर्तों में से एक मानी जाती है, यानि इस दिन बिना किसी मुहूर्त के कोई भी मांगलिक कार्य किया जा सकता है. जैसे गृह प्रवेश, विवाह, मुंडन आदि. हिंदू पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया का त्योहार इस साल मंगलवार, 3 मई को देश भर में मनाया जाएगा. इस दिन ग्रहों का भी अद्भुत संयोग बन रहा है जिससे अक्षय तृतीया का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है. कहा जा रहा है अक्षय तृतीया पर दोबारा ऐसा शुभ संयोग 100 साल बाद ही बनेगा. अक्षय तृतीया के दिन सोना-चांदी या नई चीजों की खरीदारी करना बहुत ही शुभ माना जाता है.

अक्षय तृतीया का महत्व 

अक्षय तृतीया के दिन दिन किया जाने वाला दान पुण्य अक्षय फल प्रदायक होता है. इसीलिए आज से ही श्री बद्रीनाथ केदारनाथ की तीर्थ यात्रा आरंभ की जाती है, इस दिन संकल्प लेकर जिस भी कार्य की शुरुआत की जाती है, उसमें अक्षय लाभ की प्राप्ति होती है. अक्षय प्रेम की प्राप्ति के निमित्त नव युवक-युवती अक्षय तृतीया के दिन विवाह के बंधन में भी बंधते हैं. अक्षय तृतीया के दिन स्वर्ण आदि के आभूषणों की खरीदारी करना भी बेहद शुभ माना जाता है. साथ ही किसी भी व्यापार का आरंभ करना भी शुभ फल देता है. इस दिन आप दिवाली की ही तरह अपनी तिजोरी के पास एक दीपक ज़रूर जलाएं.

ज्योतिषियों का कहना है कि अक्षय तृतीया के दिन पड़ने वाले दुर्लभ संयोगों का प्रभाव बहुत ही शुभ रहने वाला है. इस दिन सोने-चांदी की चीजें घर खरीदकर लाने से सुख-समृद्धि की प्राप्त होती है. अगर आप महंगी चीजें या आभूषण खरीदने में सक्षम नहीं हैं तो धातु से बनी कोई चीज भी घर ला सकते हैं, उसके भी आपको शुभ परिणाम मिलेंगे. ऐसा कहते हैं कि इस दिन की गई खरादीरी के लंबे समय तक आपको शुभ परिणाम मिलते हैं.

 

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