नई दिल्ली. अक्षय तृतीया या अक्खा तीज बैसाख मास के शुक्ल अक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है यानी की इस दिन आप कोई भी शुभ कार्य बिना कोई मुहूर्त देखे कर सकते हैं. पूरे वर्ष में जिन साड़े तीन तिथियों को शुभ माना जाता है उनमे से अक्षय तृतीया भी एक महत्वपूर्ण दिन है. इस दिन कोई भीशुभ कार्य करने से वह अक्षय फल देते हैं, अक्षय मतलब जिसका कोई भी क्षय ना हो.

इस वर्ष अक्षय तृतीया 2018 को पड़ रही है. तिथि की शुरुआत प्रातः3:45 से लेकर 19 को प्रातः 1:29 तक रहेगी. यह दिन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इस पूरे दिन सरवर्थ सिद्ध योग बन रहा है. यह प्रातः काल 4:47 से लेकर 19 अप्रैल की प्रातः 3:03 तक रहेगा. सुख एवं समृद्धि प्रदान करने वाले इस दिन पर माता लक्ष्मी एवं नारायण के पूजन का विशेष विधान है. माना जाता है की इस दिन स्वर्ण खरीदने से या फिर चाँदी या बर्तन खरीदने से माता लक्ष्मी का वास रहता है, घर में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहती है. मां लक्ष्मी को चंचल माना गया है एवं इस दिन उनका पूजन यदि नारायण के साथ की जाए या फिर गणपति के साथ किया जाए तो वह स्थिर रहती हैं एवं घर में स्थायी वास करती हैं.

अक्षय तृतीया के दिन कोई भी शुभ कार्य जैसे घर खरीदना, सोना-चांदी या कोई जेवर खरीदना, वाहन खरीदना, कोई नया प्रोजेक्ट या बिजनेस शुरू करना, लेखन कार्य प्रारम्भ करना बहुत शुभ माना गया है. अक्षय तृतीया का पौराणिक महत्व माना जाता है की अक्षय तृतीया के दिन ब्रह्मा जयंती भी होती है क्योंकि उन्होंने इसदिन से ही सृष्टि का निर्माण शुरू किया था. इसी दिन से सभी युगों की शुरुआत भी मानी जाती है. वेद व्यास के अनुरोध पर भगवान गणपति ने वेदों का लेखन कार्य भी आज ही के दिन से शुरू किया था. भगवान विष्णु के छठे अवतार पर शुराम जी का जन्म भी इसी दिन माना गया है. ऐसा भी कहा जाता है कि वह अमर हैं एवं संसार में वह अभी भी तपस्या में लीन हैं.

अक्षय तृत्या के दिन ही माता गंगा धरती पर अवतरित हुई थी. आज ही के दिनभगवान कृष्ण ने द्रौपदी को अक्षय पात्र दिया था, एक ऐसा पात्र जिसमें अन्न कभी खत्म नहीं होता था. इस दिन बद्रीनारायण के पट खुलते हैं, बांके बिहारी के चरणों के दर्शन भी आज ही के दिन किए जाते हैं. अक्षय तृतीया के दिन कौन से कार्य करना शुभ होता है. अक्षय तृतीया के दिन, आपको माता लक्ष्मी की भगवान विष्णु के साथ विशेष पूजन करना चाहिए. चक्रधारी भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की अष्ट दसभुजाधारी रूप का विशेष पूजन करना चाहिए. नारायण को हल्दी की गांठ, पीले वस्त्र एवं ७ बादामअर्पण करें, माता लक्ष्मी को सुहाग का समान, सिंदूर, चूड़ी आदि अर्पित करें एवं नैवैद्यआदि अर्पित कर पूर्ण समर्पण से उनका ध्यान कर आहवाहन करें. लक्ष्मी सूक्त का एवं पुरुष सूक्त का पाठ अवश्य करें. जीवन में सुख एवं शांति अवश्य मिलेगी एवं घर बार सुख समृद्धि बनी रहेगी.

दस महाविद्याओं का पूजन भी विशेष फल देता है. उसमें भी मां के कमलदेवी रूप का पूजन अवश्य करना चाहिए. वह कमल के फूल पर बैठी हैं एवं उनके चारों तरफ धनवर्ष हो रही है. मां के हाथ में कमंडल है जो सुख समृद्धि दायनी है. पितरों के नाम दान पुण्य करना, उनका श्राद्ध करना, तर्पण करना बहुत शुभ होता है. आज के दिन विवाह करना विशेषकर शुभ होता है एवं माना जाता है की आज के दिन अगर विवाह करेंगे तो वह हमेशा प्रेम एवं आपसी सम्मान से युक्त रहता है. आज के दिन घर ख़रीदना, गृह प्रवेश करना, वाहन आदि खरीदना, नए व्यापार शुरू करना बहुत ही शुभ होता. आज के दिन लक्ष्मी उपनिषद् का पाठ करना बहुत शुभ होता है. आज के दिन तुलसी मां का पूजन भी करना चाहिए, एवं उनके समक्ष भी दीपक प्रज्वल्लित करें. आज आपको विशेषकर चने की दाल, सत्तू, शक्कर, घी, ककड़ी का दान करना चाहिए सायंकाल को दीपक प्रज्वलित किस दिशा में करें. सायं काल में घर के मुख्य द्वार में माता लक्ष्मी का स्मरण कर एक घी का दिया घर की चौखट के दायीं तरफ प्रज्वलित करें. उस दिए में एक कौड़ी, एक गोमती चक्र, कालेतिल अवश्य डाले, आने वाले पूरे वर्ष में कोई परेशानी नहीं होगी.

~ नन्दिता पाण्डेय ,
ऐस्ट्रोटैरोलोजर, ज्योतिर्विद , आध्यात्मिक गुरु
website : www.nanditapandey.biz
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