नई दिल्ली. हर वर्ष 24 एकादशी त्योहार मनाया जाते हैं. जिस दिन भगवान विष्णु की पूजा-पाठ की जाती है. हालांकि जिस वर्ष मलामास होता है तब इन एकादशी की संख्या 24 से बढ़कर 26 हो जाती है. जब भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की एकादशी हो तो उसे अजा एकादशी कहते हैं. इस माह अजा एकादशी है जिसे जया या अन्नदा एकादशी भी कहा जाता है. इस दिन व्रत, पूजन कर भगवान विष्णु की उपासना की जाती है.

बात करें अजा एकादशी तिथि की तो इस बार यह ग्यारस 6 सितंबर यानी गुरुवार की है. इस दिन पारण का शुभ समय 7 सितंबर को सुबह 6 बजकर 6 बजे से 8 बजकर 35 मिनट तक का है. 6 सितंबर गुरुवार को अजा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. अजा एकादशी 5 सितंबर को रात 3.01 बजे से शुरू हो जाएगी. इस शुभ मुहूर्त के अनुसार ही श्रद्धालु व्रत व पूजन करें. एकादशी के अगले दिन पारण कर ही व्रत खोलें.

अजा एकादशी व्रत पूजन विधि
हर एकादशी पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. एकादशी तिथि पर श्रद्धालु सूर्योदय से पूर्व स्नान कर भगवान विष्णु की प्रतिमा की स्थापना करें. भगवान विष्णु जी की प्रतिमा के सामने धूप, दीप, नेवैद्य, फूल और फल अर्पित करने चाहिए. साथ ही मन में व्रत के दौरान संकल्प करें. जानकारों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का प्रयोग करें. इसे भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं.

अजा एकादशी तिथि और शुभ मुहूर्त :
अजा एकादशी व्रत तिथि : 6 सितंबर 2018
अजा एकादशी पारण का समय – 7 सितंबर को 06:06 से 08:35 बजे तक
अजा एकादशी तिथि कब शुरू हो रही है – 05 सितंबर 2018 को 15:01 बजे
अजा एकादशी तिथि समाप्त – 06 सितंबर को 12:15 बजे

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