नई दिल्ली. आज यानी 21 अक्टूबर को अहोई अष्टमी का व्रत है. इस दिव महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु और उनकी मंगल कामना के लिए व्रत रखती हैं. करवा चौथ के बाद महिलाओं के लिए अहोई अष्टमी का व्रत काफी अहम होता है. करवा चौथ का व्रत महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं तो वहीं अहोई अष्टमी का व्रत महिलाएं संतान की लंबी उम्र और उनकी मंगल कामना के लिए रखती हैं.

महिलाएं यह व्रत अपनी संतान की लंबी आयु के लिए रखती हैं. दिन में महिलाएं अहोई माता की कहानी सुनेंगी और शाम में तारों को अर्घ्य देने के बाद ही अपना व्रत खोलेंगी. हिंदू शास्त्रों के अनुसार मान्यता है कि ये व्रत करने से अहोई माता खुश होकर बच्चों की सलामती और मंगलमय जीवन का आशिर्वाद देती हैं. जिन महिलाओं को संतान सुख नहीं है वो भी संतान सुख के लिए ये व्रत करती हैं. तारों और चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत खोलती हैं.

अहोई अष्टमी पूजा शुभ मुहूर्त

पूजा समय- शाम 05.45 बजे से 07.02 बजे तक
तारों के दिखने का समय- शाम 06.10 बजे से

अहोई अष्टमी पूजा विधि

  • सुबह स्नान करते अहोई अष्टमी व्रत का संकल्प लें.
  • गेरू या लाल रंग ले अहोई माता की तस्वीर दीवार पर बनाएं.
  • सूर्यास्त के बाद तारे निकलने पर पूजा शुरू करें.
  • पूजा की सामग्री में एक चांदी या सफेद धातु की अहोई, चांदी की मोती की माला, जल से भरा हुआ कलश, दूध-चावल, हलवा, दीपक रखें
  • पहले अहोई माता की विधि विधान से पूजा करें और उन्हें दूध-चावल अर्पित करें
  • इसके बाद अहोई माता की कहानी सुनें और घर में बड़ों का आशिर्वाद लें
  • अब तारों और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलें

Also Read, ये भी पढ़ें– Happy Dhanteras 2019 Wishes: इस धनतेरस अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजे फेसबुक, व्हाटसप के जरिए एसएमएस, ये दिन बनाए और भी खास

Dhanteras 2019: मां लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज अगर गलती से भी धनतेरस के दिन कर दिया ये काम

Chhath Puja 2019 Sharda Sinha Geet: महापर्व छठ पूजा पर सुनिए शारदा सिन्हा के फेमस भोजपुरी छठी मईया के गीत

Shanivar ke Totke: शनिवार के इन चमत्कारी टोटकों से प्रसन्न होंगे शनिदेव, दूर होंगे संकट

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App