नई दिल्ली. माघ माह की शुक्ल सप्तमी को अचला सप्तमी के नाम से जाना जाता है. इस दिन भगवान सूर्य की आराधान की जाती है. माना जाता है कि अचला सप्तमी के दिन सूर्य भगवान की पूजा करने से पाप और रोगों से मुक्ति मिलती है. अचला सप्तमी के दिन सूर्य भगवान की पूजा करने के साथ कथा पढ़ना भी शुभ माना जाता है.

अचला सप्तमी की तिथि –
हिंदू पंचाग के अनुसार माघ माह की शुक्ल सप्तमी इस साल मंगलवार, 12 फरवरी को पड़ रही है.

कथा 1 : अचला सप्तमी के संबंध में भविष्य पुराण में मौजूद कथा के अनुसार, एक वेश्या ने कभी कोई दान नहीं किया था. जब वह बूढ़ी हो गई तो उसने महार्षि वशिष्ठ से अपनी मुक्ति का उपाय पूछा. इसके उत्तर में महर्षि वशिष्ठ ने बताया कि उसे माघ मास की सप्तमी को सूर्य भगवान की आराधना और दान करना होगा. ऐसे करने से पुण्य प्राप्त होता है. महर्षि वशिष्ठ के बताए उपाय पर उस वैश्या ने वैसा ही किया, जिससे उसे मृत्यु के बाद इंद्र की अप्सराओं में शामिल होने का गौरव मिला.

कथा 2 : हिंदू धर्म में मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र शाम्ब को अपने शारीरिक शक्ति पर काफी अधिक घमंड हो गया था. एक बार की बात है जब ऋषि दुर्वासा कई दिनों तक तप करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण से मिलने आए थे तो उनका शरीर का काफी दुर्बल हो गया था. शाम्ब ने ऋर्षि दुर्वासा के दुर्बल शरीर का अपमान कर दिया, जिससे नाराज होकर ऋषि दुर्वासा ने गुस्से में उन्हें कुष्ठ रोग का श्राप दे दिया. पुत्र की स्थिति को देखकर श्रीकृष्ण ने शाम्ब को सूर्य की उपासना करने को कहा, जिसके बाद सूर्य की उपासना करने के बाद उन्हें कुष्ठ रोग से मुक्ति मिल गई.

Achala Saptami 2019: अचला सप्तमी पर यूं करें सूर्य भगवान की पूजा-अर्चना, होंगे कई फायदे

Lord Hanuman Tuesday Tips: मंगलवार के इन उपायों से दूर होगी पैसों की किल्लत, बरसेगी हनुमान जी की कृपा

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App