नई दिल्ली. कार्तिक माह की पूर्णिमा को देव दीपावली मनाई जाती है. ये पर्व दिवाली के 15 दिन बाद मनाया जाता है. वैसे तो ये त्योहार कई राज्यों में मनाया जाता है लेकिन इस उत्सव का सबसे ज्यादा महत्व और आनंद उत्तर प्रदेश के शहर बनारस में आता है. कहा जाता है इस दिन देवों के देव महादेव भोले नाथ ने भयानक राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया था. तभी सभी देवताओं ने भोलेनाथ को धन्यवाद दिया और खूब धूमधाम से देव दीपावली के रूप में मनाया.
 
देव दीपावली पर वाराणसी में खास तैयारी
इस दिन गंगा नहान का विशेष महत्व होता है. साथ ही दान भी दिया जाता है. देव दीपावली पर गंगा के किनारें सभी घाटों को लाखों दीपों से सजाया जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वाराणसी के गिलहराज मंदिर को 35 हजार और सीताराम और आरती घाट पर 2100 दीपों से सजाया जाएगा. इस दिन देसी घी और तिल के तेल से दीप जलाना शुभ होती है. 
 
देव दीपावली पर ऐसे करें दीप दान 
कहा जाता है कि दीपक दान करते हुए दीप मुख पूर्व या पश्चिम की ओर रखा जाना चाहिए. साथ ही दीप दान करते हुए सर पर चुन्नरी या रूमाल अवश्य रखना चाहिए. अगर आप दो मुखी दीप दान करते है तो उससे आयु लंबी होती है. इसी तरह तीन मुखी दीप जलाने से दुश्मन की बुरी नजर घर पर नहीं पड़ती. ऐसे ही छह मुखी दीपक जलाने से घर में सुख शांति व संतान से जुड़ी समस्या को खत्म होता है.
 
देव दीपावली तिथि और शुभ मुहूर्त
देव दीपावली- 3 नवंबर-2017
 
देव दीपावली शुभ मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि प्रांरभ- रात 01.46,  3 नवंबर 2017 
पूर्णिमा तिथि समाप्त- सुबह 10.52, 4 नवंबर 2017 
 

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