नई दिल्ली. छठ पर्व आरंभ हो चुका है. इस शुभ मौके पर लोगों ने पूजा-विधि से पूजा करनी शुरू कर दी है. इस त्योहार का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है. खास तौर पर इस त्यौहार पर लोग अपने घर यानि गांव जाते हैं. और वहीं पर पारंपरिक रूप से पूजा करते हैं. छठ पूजा की पहला दिन यानि नहाय खाय से शुरू होता है जो आज संपन्न हो गया है. आज लोगों ने अपने घरो की साफ सफाई की. नहाय खाय पर स्नान का विशेष महत्व होता है. इसी के साथ दूसरा दिन खरना होता है. खरना कल से शुरू होने वाला है. इस दिन के दिन गुड़ खीर बना कर पूजा की जाती है. त्योहार चार दिन तक मनाया जाता है. इस दौरान महिलाएं नदी या तालाब में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देती हैं. छठ का त्योहार नहाय खाय से शुरू होता है. और ये सांझ या शाम के अर्घ्य करने के बाद संपन्न होता है. ऐसी मान्यता है कि जब पांडव जुए में अपना सारा राज-पाट हार गए तब द्रौपदी ने छठ का व्रत किया. तब से मान्यता है कि व्रत व पूजा करने से दौपद्री की मनोकामना पूरे हो गयी थी. तभी से इस व्रत को करने प्रथा चली आ रही है. इसी प्रकार कहा जाता है कि सूर्य देव और छठी देवी का रिश्ता भाई-बहन का है.
 
छठ पूजा 2017: खरना पूजा विधि
खरना के दिन पांच तरह के पकवान तैयार करके छठी माई को भोग लगाया जाता है. इसमें दाल, भात, चावल का पीठा, गुड़ तथा फल शामिल है. इस व्रत में गुड़ की खीर का विशेष महत्व होता है. दिन साफ चूल्हे या गैस पर प्रसाद बनाया जाता है. इस दिन बनाए जाने वाले प्रसाद में पवित्रता का खास ध्यान रखना होता है. व्रत करने वाली औरतें एक बार जब प्रसाद ग्रहण करती हैं उसके बाद वो छठ पूजा समापन के बाद ही कुछ खा पाती हैं. खरने के बाद 36 घंटे तक का लंबा व्रत शुरू हो जाता है. इसके अगले दिन सांझ का अर्ध्य होता है. 
 
छठ पूजा 2017: खरना करने का शुभ मुहूर्त
खरना लोहंडा मुहूर्त की तारीख- 25 अक्टूबर 2017, 
खरना या लोहंडा करने का समय- सूर्योदय 6.28 मिनट, सूर्य अस्त- 5.42 मिनट
खरना या लोहंडा करने का शुभ मुहूर्त- शाम 7 बजे से 10.00 तक

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