नई दिल्ली. भाई-बहन के प्यार और स्नेह का त्योहार भाई दूज 2017 आज देशभर में मनाया जा रहा है, भाई दूज पर बहनें भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं. बहनें अपने भाईयों की लंबी उम्र की कामना करती हैं. भाई दूज को भाऊ बीज और भातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है. बता दें कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है. इस त्योहार पर बहनें अपने भाईयों को तिलक करके उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं. इसके बदले भाई भी बहन की रक्षा का वचन देता है. बदलते दौर के साथ अभी भाई बहनों को तरह-तरह के उपहार देते हैं. इस त्योहार को देशभर में मनाया जाता है. इसे यम द्वितीया भी कहते हैं. ये त्योहार भाई-बहन के स्नेह और खुशहाली का त्योहार होता है. 
 
बता दें, भाई दूज को भारत के विभिन्न राज्यों में  मनाया जाता है. इस त्योहार को खास तौर पर उत्तर भारत में पूरे पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है. बिहार में भाई दूज को बहने एक दम भिन्न तरीके से मनाती हैं. इस दिन बिहार में बहने भाई को पहले कोसती हैं फिर क्षमा मांगती है. इस दिन वो भाई को बजरी खिलाती हैं और इस परंपरा के अनुसार माना जाता है कि बजरी खिलाने से भाई मजबूत और सहनशील बनता है.
 
भाई दूज का महत्व
मान्यता है कि यम देवता ने अपनी बहन को यमुना के लिए बहुत दिन से मिलने के लिए व्याकुल थें. काफी से समय बीत जाने के बाद देव यम ने बहन यमुना को इसी दिन दर्शन दिया था. तब बहन यमुना ने अपने भाई की खूब स्वागत किया. इससे खुश होकर भाई ने वरदान दिया. बहन यमुना ने वरदान में मांगा कि तब यमुना ने वर मांगा कि ‘हे भैया, मैं चाहती हूं कि जो भी मेरे जल में स्नान करे, वह यमपुरी नहीं जाए. तभी से यह मान्यता चली आ रही है कि कार्तिक शुक्ल द्वितीय को जो भाई अपनी बहन का आतिथ्य स्वीकार करते हैं उन्हें यमराज का भय नहीं रहता. इसीलिए तभी से भाई-बहन के प्यार और स्नेह का त्योहार मनाया जा रहा है.
 
भाई दूज तिथि
भाईदूज का महत्व को देखते हुए आज तक ये परंपरा देशभर में चल रही है. इस दिन बहन अपने भाई को तिलक करने का विशेष महत्व होता है. इस बार भाईदूज भाई दूज 21 अक्टूबर को पड़ रहा है, उस दिन चन्द्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा और क्षितिज पर विशाखा नक्षत्र रहेगा. वैसे भाईदूज इस बार 20 अक्टूबर की शाम से ही शुरू हो जाएगी. 
 
20 अक्टूबर 2017: 4.20 बजे से प्रांरभ
21 अक्टूबर 2017: शाम 5.35 बजे तक
 
भाई दूज शुभ मुहूर्त
भाई दूज तिलक मुहूर्त: 1:50 से 3:56 बजे तक 
 

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