नई दिल्ली : दिवाली 2017 में अब केवल एक ही सप्ताह शेष है, दिवाली को लेकर तैयारियां भी जोरो-शोरों से चल रही हैं. दिवाली साल का सबसे बड़ा त्योहार है. बता दें कि दिवाली केवल घरों की साफ-सफाई या नए कपड़े खरीदने का नहीं होता बल्कि कई मायनों में दिवाली बेहद ही खास होती है. व्यापारियों के लिए दिवाली बेहद खास होती है क्योंकि इसी दिन से नए बहीखाते में काम शुरू होता है. आज हम आपको बताएंगे कि कौन सा ऐसा शुभ मुहूर्त है जब नए बहीखाते खरीदना आपके लिए शुभ और लाभकारी साबित होगा. दिवाली 2017 से व्यापारियों का नया साल शुरू होता है, 13 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र के दिन व्यापारी विधि-विधान के साथ बहीखाते की खरीदारी करेंगे.
 
व्यापारी इस खास मौके को खोना नहीं चाहते यही वजह है कि व्यापारियों ने अभी से नए बहीखातों के लिए बुकिंग भी कर दी है. तेजी से टेक्नोलॉजी क्षेत्र में बदलाव हो रहा है जिस कारण भारत में बहीखातों के व्यापार को सतह से ओझल कर दिया है लेकिन इसके बावजूद दिवाली पूजन में व्यापारी में बहीखातों की पूजा करते हैं. पारंपरिक तौर पर दिवाली के पहले शुभ मुहूर्त पर विधि विधान से नए बहीखाते खरीदकर लाए जाते हैं और उसके साथ ही नए वर्ष का व्यापार भी शुरू करते हैं. दिवाली पर पूजन के साथ ही नए सौदे मुहूर्त के दर्ज भी किए जाते हैं.
 
बहीखाता पूजन का महत्व और शुभ मुहूर्त
 
व्यापार में बहीखाता पूजन का महत्व है, व्यापारी शुभ मुहूर्त में जहां बड़े पैमाने पर बहीखाता क्रय करते हैं वहीं उनका पूजन कर अपने व्यापार के नए वर्ष की भी शुरुआत करते हैं. 13 अक्टूबर- सुबह 8.36 से 10.51 बजे तक, दोपहर 12.36 से 3.41 बजे तक, शाम 5.11 से 6.15 बजे तक.
 
बहीखाता पूजन मुहूर्त  
 
19 अक्टूबर- सुबह 6.41 से 8.01 बजे तक, सुबह 10.36 से 11.51 बजे तक, दोपहर 12.41 से 3.11 बजे तक, शाम 4.41 से 5.51 बजे तक और शाम 6.21 से 9.15 बजे तक.