मुंबई: गणपति उत्सव की तैयारी जोरों पर चल रही हैं. एक तरफ बड़े पंडालों की तैयारी आखिरी दौर में है तो दूसरी ओर बप्पा को घरों में विराजमान करने के लिए भी लोगों नए-नए तरह के पंडाल बनवा रहें हैं. मुंबई में कुछ पंडाला ऐसे हैं जिनको अलग-अलग तरह से तैयार किया जा रहा है.
 
अंधेरी में रहने वाले हंसराज शाह तो बप्पा के दरबार को बाहुबली के महल का रूप दिया है. हंसराज अपने घर में बने पंडाल को फ्रीडम फाइटर के स्टैच्यू के रूप में डिजाइन किया है. पंडाला को एक अलग तरह से डिजाइन करने का प्रयास किया है. हंसराज ने इंडिया न्यूज/इनखबर को बताया कि वे 10 सालों से अपने पर बप्पा को बैठाते हैं. हर साल अलग-अलग रूप में पंडाल को तैयार करते हैं. यही कारण है कि उनके पंडाल को देखने के लिए दूर-दूर से लोग उनके घर पहुंचते हैं. 
 
 
बता दें कि इस साल विघ्नहर्ता आपके घर 10 नहीं बल्कि पूरे 11 दिन के लिए आएंगे, 25 अगस्त को गणेश चर्तुथी मनाई जाएगी. आप अगर किसी शुभ काम की शुरुआत करने चाहते हैं तो इस दिन कर सकते हैं क्योंकि गणेश चर्तुथी का दिन बेहद ही शुभ माना जाता है. आज हम आपको अपनी खबर के माध्यम से गणेश चर्तुथी का महत्व, पूजा विधा आदि के बारे में बताने जा रहे हैं.
 
 
क्या है गणेश चर्तुथी का महत्व
बप्पा के भक्तों को गणेश चर्तुथी का इंतजार काफी बेसब्री से रहता है, साल भर में आने वाली चर्तुथियों पर आप गणपति जी की पूजा करने से घर में संपन्नता, समृद्धि, सौभाग्य और धन की समावेश होता है. गणेश चर्तुथी को सबसे बड़ी चर्तुथी माना गया है. इस दिन के किए गए व्रत और पूजा का भी विशेष महत्व है. एक बात हमेशा याद रखें और वो ये है कि बप्पा की मूर्ति लाने से पहले घर में अगरबत्‍ती और धूप, आरती थाली, सुपारी, पान के पत्‍ते और मूर्ति पर डालने के लिए कपड़ा, चंदन के लिए अलग से कपड़ा और चंदन आदि चीजें तैयार रखें.

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