नई दिल्ली : वैसे तो आप स्नान करते ही हैं और वह भी बढ़िया साबुन, शैंपू और बॉडी वॉश लगाकर. आप में से कई लोग ऐसे होंगे जो नग्न होकर स्नान करते होंगे और कई लोग आधे वस्त्र में स्नान करते होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नग्न अवस्था में स्नान करना क्यों वर्जित है.
 
पद्मपुराण में स्नान से जुड़े कई नियमों का उल्लेख किया गया है और सबसे बड़ी बात ये है कि जिन नियमों को पद्मपुराण में उल्लेख किया गया है वे भगवान श्री कृष्ण ने ही अपनी गोपियों से कही है. कई बार ऐसा होता है कि कुछ लोग पूर्ण रूप से निर्वस्त्र होकर स्नान करते हैं लेकिन ऐसा भूलकर भी नहीं करना चाहिए.
 
 
निर्वस्त्र होकर क्यों नहीं करना चाहिए स्नान ?
कारण बताने से पहले आपको बता दें कि पद्मपुराण में नदी में स्नान के समय गोपियों के वस्त्र कृष्ण द्वारा चुराने वाली घटना का भी जिक्र किया गया है. उस घटना में श्री कृष्ण गोपियों के वस्त्र चुरा लेते हैं और मांगने पर गोपियों से ही उल्टा सवाल करते हैं कि तुम लोग निर्वस्त्र होकर स्नान करने ही क्यों गई.
 
जब गोपियों ने जवाब में कहा कि जब वे नदी में स्नान करने गईं तो वहां कोई नहीं था इसलिए वे निर्वस्त्र होकर नदी में प्रवेश कर गईं. इस पर कृष्ण कहते हैं कि तुम लोगों को ऐसा लगता है कि तुम्हें निर्वस्त्र अवस्था में किसी ने नहीं देखा, लेकिन तुमलोग शायद भूल रहे हो कि आसमान में पक्षी उड़ रहे हैं, जमीन पर कीड़े-मकोड़े, पानी के जीव-जंतु सभी ने निर्वस्त्र देखा, स्वयं वरुण देव ने तुम्हें निर्वस्त्र देखा.
 
 
भगवान श्री कृष्ण का आशय था कि हमें ऐसा लगता है कि कोई नहीं देख रहा है लेकिन ऐसा होता नहीं है. गरुण पुराण के मुताबिक हमारे आसपास हमेशा हमारे पूर्वज रहते हैं, यहां तक कि स्नान करते वक्त भी. अब जब हम निर्वस्त्र स्नान करते हैं तो वे अतृप्त रह जाते हैं. इसलिए हमें निर्वस्त्र स्नान करने से बचना चाहिए.

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