नई दिल्ली : शनिवार यानी 11 फरवरी को साल 2017 का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है. हिन्दू धर्म और ज्योतिष के अनुसार ग्रहण का प्रभाव शुभ नहीं माना जाता है. वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी पूर्णिमा के दिन समुद्र ज्वार आता है, जिसके कारण प्राकृतिक आपदाओं के आने की संभावना रहती है.
 
ग्रहण को लेकर कई लोगों का मानना है कि जिस राशि का ग्रहण है उस राशि के जातक को खास परहेज करना चाहिए, लेकिन सच ये है कि आप चाहे किसी भी राशि के हों ग्रहण के दिन दान-पुण्य, पूजा-पाठ, भूखे लोगों को भोजन करना चाहिए.
 
ग्रहण के दिन आप खुद को जितना अच्छे कार्यों में व्यस्त रखेंगे आपके लिए उतना ही अच्छा होगा. 11 फरवरी को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत, एशिया, अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका में दिखाई देगा
 
ग्रहण आरंभ- प्रातः काल 04:04:15 से सुबह 08:23:26 तक
ग्रहण की अवधि- 04 घंटे, 19 मिनट और 10 सेकेंड
सूतक- नहीं लगेगा (शास्त्रों में लिखा गया है कि जिस ग्रहण को नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता, उस पर सूतक लागू नहीं होता है.)
 
 
क्या करें-
कुछ विद्वानों का मानना है कि चंद्र ग्रहण के दिन सुंदरकांड और हनुमान चालिसा का पाठ करने से मांगलिक दोष का निवारण होता है. साथ ही जिन जातकों की कुंडली में शनि की साढ़े साती या ढईया का प्रभाव चल रहा है, वे शनि मंत्र का जाप एवं हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं.

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