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Shivling Ki Safai Ke Niyam: कैसे करें शिवलिंग की सफाई? सही समय से लेकर सही तरीका; जानें पूरी जानकारी

Shivling Ki Safai Ke Niyam: शिव की पूजा के लिए शिवलिंग का विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता के अनुसार, अगर घर में शिवलिंग है और उसकी सही तरह से पूजा की जाती है. तो घर में सुख और शांति बनी रहती है. पूजा के साथ-साथ शिवलिंग की सफाई भी काफी ज्यादा जरूरी है.

By: Preeti Rajput | Published: August 2, 2026 10:18:31 AM IST



Shivling Ki Safai Ke Niyam: सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू हो चुका है. 3 अगस्त को सावन का पहला सोमवार है, इस दिन भगवान शिव के भक्त मंदिरों में जाकर पूजा और जलाभिषेक करेंगे. माना जाता है कि ये महीना भगवान शिव को सबसे अधिक प्रिय है. इस पूरे महीने पूरे देश में भगवान शिव के जयकारे सुनाई देते हैं. शिव की पूजा के लिए शिवलिंग का विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता के अनुसार, अगर घर में शिवलिंग है और उसकी सही तरह से पूजा की जाती है. तो घर में सुख और शांति बनी रहती है. पूजा के साथ-साथ शिवलिंग की सफाई भी काफी ज्यादा जरूरी है. अगर सही नियमों के अनुसार, शिवलिंग की सफाई और पूजा नहीं की जाती, तो पूजा अधूरी मानी जाती है. 

शिवलिंग की सफाई के नियम

  • सफाई से पहले खुद को शुद्ध कर लें. सन्न कर साफ वस्त्र धारण करें. 
  • शिवलिंग को साफ-पवित्र जल से शुद्ध कर लें और मन को शांत रखें. 
  • साफ कपड़े से पानी सुखा लें, बर्श से शिवलिंग को बिल्कुल न रगड़ें.
  • सफाई के दौरान मन में श्रद्धा का भाव बनाए रखें और क्रोध करने से बचें. 
  • पुराने बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री सो समय पर हटा दें. 
  • शिवलिंग धोते समय क्लीनर या साबुन का प्रयोग न करें. 
  • सफाई के बाद शिवलिंग पर जल अर्पित करें. 
  • बासी पूजा का सामग्री को विसर्जित करें. 
  • सफाई के दौरान  “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का स्मरण करें.

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शिवलिंग की पूजा कैसे करें? 

  • स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, साफ कपड़े पहनें और पूजा का संकल्प लें. 
  • अभिषेक: तांबे या पीतल के लोटे से शिवलिंग पर शुद्ध जल और गंगाजल अर्पित करें. इसके बाद कच्चा दूध या पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) चढ़ाएं. पंचामृत के बाद फिर से शुद्ध जल अवश्य चढ़ाएं.
  • श्रृंगार और तिलक: चंदन (सफेद या पीला) या भस्म से शिवलिंग पर तिलक लगाएं और अक्षत (साबुत चावल) अर्पित करें. वस्त्र रूप में कलावा या मौली समर्पित करें.
  • प्रिय वस्तुएं: भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है. बेलपत्र की चिकनी सतह को शिवलिंग की ओर करके ‘ॐ नमः शिवाय’ बोलते हुए अर्पित करें. इसके अलावा सफेद फूल, धतूरा और भांग भी चढ़ा सकते हैं.
  • भोग और आरती: फल, मेवे या मिश्री का भोग लगाएं. अंत में शुद्ध देसी घी का दीपक और धूप जलाकर आरती करें, तथा क्षमा प्रार्थना करें. 

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