Sawan Green Bangles Importance: सावन आते ही मौसम ही नहीं, बाजारों का रंग भी बदल जाता है. चारों तरफ हरी साड़ियां, हरी चूड़ियां और मेहंदी से सजे हाथ नजर आने लगते हैं. खासकर सुहागिन महिलाओं के बीच सावन में हरी चूड़ियां पहनने का चलन काफी लोकप्रिय है. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर सावन में हरे रंग को इतना खास क्यों माना जाता है? क्या इसके पीछे की वजह है? इसका संबंध भगवान शिव, माता पार्वती और ज्योतिष से क्या कनेक्शन? ये सवाल ज्यादातर लोगों के दिमाग में होता है.
दरअसल, भारतीय परंपरा में हरे रंग को प्रकृति, जीवन, समृद्धि, उन्नति और नई शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है. सावन भी प्रकृति के नवजीवन का महीना माना जाता है. बारिश के बाद सूखी धरती हरे रंग की चादर ओढ़ लेती है और वातावरण में नई ऊर्जा दिखाई देने लगती है. यही वजह है कि सावन में हरे रंग के कपड़े, चूड़ियां और मेहंदी पहनने की परंपरा ने खास जगह बनाई है.
सौभाग्य और खुशहाली का प्रतीक हैं हरी चूड़ियां
उन्नाव के ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री कहते हैं कि, भारतीय संस्कृति में चूड़ियां केवल आभूषण नहीं, बल्कि सुहाग और स्त्री-सौंदर्य से भी जुड़ी मानी जाती हैं. धार्मिक और लोक मान्यताओं के अनुसार, सावन में हरी चूड़ियां पहनना सुखी वैवाहिक जीवन, सौभाग्य और परिवार की खुशहाली की कामना से जुड़ा है. कई क्षेत्रों में महिलाएं सावन के दौरान नई हरी चूड़ियां पहनती हैं और भगवान शिव-माता पार्वती की पूजा करती हैं. मान्यता है कि, ऐसा करने से दांपत्य जीवन में प्रेम और मधुरता बनी रहती है.
माता पार्वती से भी जोड़ा जाता है हरा रंग
सावन में भगवान शिव के साथ माता पार्वती की आराधना का भी विशेष महत्व है. लोक परंपराओं में हरे रंग को माता पार्वती के श्रृंगार और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है. यही कारण है कि सावन और खासकर तीज जैसे पर्वों पर महिलाएं हरे वस्त्र, हरी चूड़ियां और मेहंदी से शृंगार करती हैं.
हरियाली तीज पर बढ़ती हरे रंग की रौनक
सावन में आने वाला हरियाली तीज महिलाओं के लिए विशेष पर्व माना जाता है. इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनने, मेहंदी लगाने और हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है. इसे प्रकृति की हरियाली और वैवाहिक जीवन की खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है.
ज्योतिष में बुध से भी है संबंध
ज्योतिष शास्त्र में हरा रंग बुध ग्रह से संबंधित माना जाता है. बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, शिक्षा, गणना और व्यापार का कारक माना गया है. इसलिए ज्योतिषीय मान्यताओं में हरे रंग का उपयोग बुध से जुड़े सकारात्मक प्रभावों की कामना के लिए किया जाता है.
सावन में हरी चूड़ियां क्यों हैं खास?
सावन की हरी चूड़ियां नेचुरल हरियाली, स्त्री-सौंदर्य, सौभाग्य, दांपत्य सुख और धार्मिक आस्था का खूबसूरत संगम हैं. 2026 में सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन के साथ समाप्त होगा. इस दौरान हरी चूड़ियों की खनक सिर्फ शृंगार नहीं, बल्कि सदियों पुरानी लोकपरंपरा और आस्था की याद भी दिलाती है.