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Sawan Somvar Vrat Katha: सावन के पहले सोमवार की कथा, इसे पढ़ने से दूर होंगे सारे कष्ट; भोलेनाथ भी होंगे प्रसन्न

Sawan Somvar Vrat Katha: सावन हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना है, जो भगवान शिव को समर्पित है, यह 30 जुलाई से 28 अगस्त, 2026 तक चलने वाला है.

By: Preeti Rajput | Published: August 3, 2026 8:47:12 AM IST



Sawan Somvar Vrat Katha: आज 3 अग्सत 2026 का पहला सावन का सोमवार है. यह दिन भगवान शिव और उनके भक्तों के लिए काफी अहम माना जाता है. सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को बहुत अधिक प्रिय माना जाता है. मान्यता के अनुसार, भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सावन का सोमवार सबसे अच्छा और शुभ दिन माना जाता है. इस दिन भक्त पूरे भक्ति-भाव से प्रभु की अराधना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत रखने और कथा सुनने से भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है. तो आइए आज के शुभ दिन पढ़ें सोमवार व्रत कथा..

सावन सोमवार व्रत की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, एक नगर में एक अमीर साहूकार रहता था. उसके पास धन की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी. वह हर सोमवार भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करता और संतान की कामना करता था. उसकी सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर माता पार्वती ने भगवान शिव से उसकी इच्छा पूरी करने को कहा. भगवान शिव ने उसे पुत्र का आशीर्वाद दिया, लेकिन बताया कि उस बच्चे की उम्र केवल 12 साल होगी. फिर भी साहूकार ने भगवान शिव की पूजा और सोमवार का व्रत कभी नहीं छोड़ा.

भगवान शिव ने दिया लंबी उम्र का वरदान

समय आने पर साहूकार के घर पुत्र का जन्म हुआ. बड़ा होने पर उसे पढ़ाई के लिए मामा के साथ काशी भेजा गया. रास्ते में दोनों यज्ञ कराते, जरूरतमंदों को दान देते और ब्राह्मणों को भोजन कराते थे. एक राज्य में राजकुमारी का विवाह था, जहां परिस्थितियों के कारण साहूकार के बेटे का विवाह राजकुमारी से करा दिया गया. उसने ईमानदारी से राजकुमारी को पूरी सच्चाई बता दी और फिर पढ़ाई के लिए काशी चला गया. काशी में जब उसकी उम्र 12 साल हुई, तो भगवान शिव के वरदान के अनुसार उसकी मृत्यु हो गई. मामा के दुख को देखकर माता पार्वती ने भगवान शिव से उसे दोबारा जीवन देने की प्रार्थना की. भगवान शिव ने उसे जीवित कर लंबी उम्र का आशीर्वाद दिया.

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 स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद

पढ़ाई पूरी करने के बाद युवक अपने मामा के साथ घर लौटने लगा. रास्ते में वह उसी राज्य पहुंचा, जहां उसका विवाह हुआ था. राजपरिवार ने उसे पहचान लिया और अपनी बेटी को उसके साथ विदा कर दिया. जब साहूकार और उसकी पत्नी ने अपने बेटे को जीवित देखा, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उसी रात भगवान शिव ने स्वप्न में साहूकार को बताया कि उसकी सच्ची भक्ति, सोमवार के व्रत और कथा के प्रभाव से ही उसके पुत्र को नया जीवन और लंबी आयु मिली. मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने, भगवान शिव की पूजा करने और यह कथा सुनने से जीवन में सुख, शांति, संतान सुख, अच्छा स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

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