Home > धर्म > रक्षाबंधन के बाद राखी का क्या करें? कितने दिन में उतारना चाहिए रक्षासूत्र, जानें सही समय और ज्योतिष नियम

रक्षाबंधन के बाद राखी का क्या करें? कितने दिन में उतारना चाहिए रक्षासूत्र, जानें सही समय और ज्योतिष नियम

Raksha Bandhan Rakhi Rules: रक्षाबंधन पर भाई की कलाई में बंधा धागा सिर्फ राखी नहीं, बल्कि बहन की दुआ, प्रेम और भाई की रक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है. लेकिन, त्योहार बीतने के बाद अक्सर एक सवाल मन में आता है कि, राखी कितने दिन तक बांधकर रखनी चाहिए और इसे उतारने के बाद कहां रखना चाहिए? जानिए इससे जुड़ी नियम-

By: Lalit Kumar | Published: September 1, 2026 1:44:16 PM IST



Raksha Bandhan Rakhi Rules: रक्षाबंधन पर भाई की कलाई में बंधा धागा सिर्फ राखी नहीं, बल्कि बहन की दुआ, प्रेम और भाई की रक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है. लेकिन, त्योहार बीतने के बाद अक्सर एक सवाल मन में आता है कि, राखी कितने दिन तक बांधकर रखनी चाहिए और इसे उतारने के बाद कहां रखना चाहिए? क्योंकि, जिस तरह राखी बांधने का महत्व है उसी तरह उतारने का भी. इसलिए नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है. हालांकि, इसे लेकर अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में परंपराएं भिन्न हो सकती हैं. अब सवाल है कि आखिर, क्या राखी को अगले ही दिन उतार सकते हैं? जन्माष्टमी तक राखी बांधकर रखने की परंपरा क्या है? इस बारे में बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री-

क्या अगले दिन ही उतार सकते हैं राखी?

ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री कहते हैं कि, राखी उतारने की कोई एक सर्वमान्य तिथि या समय शास्त्रों में तय नहीं माना जाता है. कई जगह 24 घंटे बाद यानी अगले दिन राखी उतारने की परंपरा है. वहीं, कुछ परिवार इसे 3 से 7 दिन तक कलाई पर रखते हैं. इसलिए अपने परिवार की परंपरा को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है.

जन्माष्टमी तक राखी रखने की भी मान्यता

कई परिवारों में रक्षाबंधन पर बांधी गई राखी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक कलाई पर रखने की परंपरा है. जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण की पूजा करने के बाद राखी उतारने की मान्यता प्रचलित है. कुछ लोग पितृ पक्ष शुरू होने से पहले भी इसे उतारते हैं. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर व्यक्ति को एक निश्चित दिन ही राखी उतारनी चाहिए. धार्मिक परंपराएं क्षेत्र और परिवार के अनुसार बदल सकती हैं.

राखी उतारने का सही तरीका क्या है?

राखी को उतारते समय जल्दबाजी या लापरवाही से जमीन पर फेंकने से बचें. किसी शुभ समय में भगवान का स्मरण करके इसे सम्मानपूर्वक कलाई से निकालें. इसके बाद राखी को किसी साफ और पवित्र स्थान पर रखें. धार्मिक मान्यताओं में इसे सामान्य कूड़े में फेंकना उचित नहीं माना जाता. अगर राखी में फूल, मौली या अन्य पूजा सामग्री लगी हो तो उसे निर्माल्य की तरह सम्मानपूर्वक रखने या उचित तरीके से विसर्जित करने की परंपरा अपनाई जा सकती है. हालांकि, धातु या प्लास्टिक की सजावटी राखी को जलाशय में डालने से बचना चाहिए.

अगर राखी अपने आप टूट जाए तो?

कई बार काम करते समय राखी अपने आप खुल जाती है या टूट जाती है. इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसी घटना को अपशकुन मानने का कोई सार्वभौमिक धार्मिक नियम नहीं है. राखी टूटने पर उसके धागे को सम्मानपूर्वक उठाकर साफ स्थान पर रख दें और बाद में उचित तरीके से उसका निस्तारण करें.

क्या राखी उतारने का कोई ज्योतिष नियम है?

ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं में शुभ समय को महत्व दिया जाता है, लेकिन राखी उतारने के लिए कोई एक निश्चित सार्वभौमिक मुहूर्त निर्धारित नहीं है. इसलिए केवल किसी एक दिन या समय को लेकर डरने की जरूरत नहीं है. परिवार की परंपरा, स्थानीय मान्यता और सुविधा के अनुसार राखी उतारी जा सकती है.

Advertisement