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सूर्यास्त के बाद यहां रुकते ही इंसान बन जाता पत्थर! रहस्यमयी है राजस्थान का किराडू मंदिर, हैरान कर देगी वजह

Kiradu Temple Mystery: राजस्थान की रेत, तपती हवाएं और दूर तक फैला सन्नाटा अपने भीतर कई सदियों पुराने रहस्य समेटे हुए हैं. यहां कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भी हैं, जिनसे जुड़ी मान्यताएं, चमत्कार और अनसुलझे रहस्य लोगों को हैरान कर देते हैं. इन्हीं रहस्यों में एक नाम है किराडू मंदिर... जिसे राजस्थान का ‘खजुराहो’ भी कहा जाता है.

By: Lalit Kumar | Published: August 31, 2026 12:59:05 PM IST



Kiradu Temple Mystery: राजस्थान की रेत, तपती हवाएं और दूर तक फैला सन्नाटा अपने भीतर कई सदियों पुराने रहस्य समेटे हुए हैं. यहां कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भी हैं, जिनसे जुड़ी मान्यताएं, चमत्कार और अनसुलझे रहस्य लोगों को हैरान कर देते हैं. कहीं मंदिरों की वास्तुकला वैज्ञानिकों को चुनौती देती है, तो कहीं वहां होने वाली घटनाएं तर्क से परे नजर आती हैं. इनमें कुछ मंदिर वास्‍तव में ऐसे हैं, जिनके बारे में सुनने के बाद इन्‍हें करीब से देखने और जानने की उत्सुकता बढ़ जाती है. इन्हीं रहस्यों में एक नाम है किराडू मंदिर… जिसे राजस्थान का ‘खजुराहो’ भी कहा जाता है. दिन में अपनी बारीक नक्काशी और भव्य स्थापत्य से लोगों को आकर्षित करने वाला यह मंदिर सूर्य ढलते ही रहस्य और डर की कहानी से जुड़ जाता है. स्थानीय मान्यता है कि, सूर्यास्त के बाद यहां रुकने वाला इंसान पत्थर का बन जाता है. अब सवाल है कि, आखिर, इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता क्यों प्रचलित है? क्या सच में यहां रात बिताने वाला पत्थर बन जाता है? पढ़िए मंदिर से जुड़ी रोचक वजह-

बाड़मेर से करीब 35 किलोमीटर दूर है मंदिर

किराडू मंदिर राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित है. यह मंदिर समूह अपनी अद्भुत शिल्पकला और ऐतिहासिक वास्तुकला के लिए जाना जाता है. यहां भगवान शिव को समर्पित सोमनाथ मंदिर सबसे प्रमुख मंदिरों में शामिल है. मंदिर की दीवारों और स्तंभों पर बनी बारीक मूर्तियां उस दौर की उत्कृष्ट कला की झलक दिखाती हैं.

11वीं-12वीं शताब्दी का माना जाता निर्माण

बता दें कि, किराडू के मंदिरों का निर्माण करीब 11वीं-12वीं शताब्दी के आसपास माना जाता है. यहां की स्थापत्य शैली में पत्थरों पर की गई बेहद सूक्ष्म नक्काशी देखने को मिलती है, जिसकी वजह से यह स्थान इतिहास और कला में रुचि रखने वाले लोगों के लिए खास है.

एक संत के श्राप से जुड़ी है रहस्यमयी कहानी

किराडू से जुड़ी सबसे चर्चित लोककथा एक साधु और उसके शिष्यों की है. कहा जाता है कि, एक बार एक साधु अपने शिष्यों के साथ यहां पहुंचे. साधु के चले जाने के बाद उनके शिष्य बीमार पड़ गए. मान्यता के अनुसार, स्थानीय लोगों ने उनकी पर्याप्त मदद नहीं की. जब साधु को यह बात पता चली तो वह बेहद नाराज हुए और उन्होंने पूरे क्षेत्र को श्राप दे दिया. हालांकि, कहा जाता है कि एक कुम्हार महिला ने साधु के शिष्यों की सेवा की थी. 

साधु ने उस महिला को श्राप से बचने के लिए सूर्यास्त से पहले इस स्थान को छोड़ देने को कहा. इसके बाद महिला ने पीछे मुड़कर देखा तो वह भी पत्थर की बन गई. इसी कहानी से यह मान्यता जुड़ी कि सूर्यास्त के बाद किराडू में रुकने वाला व्यक्ति पत्थर बन सकता है.

‘राजस्थान का खजुराहो’ क्यों कहते हैं?

किराडू मंदिर की खूबसूरत मूर्तियां और शिल्पकला इसकी सबसे बड़ी पहचान हैं. पत्थरों पर देवी-देवताओं, नर्तकों, संगीतकारों और विभिन्न मानवीय आकृतियों की बारीक नक्काशी देखने को मिलती है. इसी स्थापत्य सौंदर्य के कारण इसे अक्सर ‘राजस्थान का खजुराहो’ कहा जाता है.

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