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हरियाली तीज 2026: कब है व्रत? जानें पूजा का शुभ समय, जानिए नियम और क्या करें-क्या नहीं

Hariyali Teej 202: सावन के पावन महीने में आने वाला हरियाली तीज का पर्व सुहाग, सौभाग्य और अखंड वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है. वर्ष 2026 में हरियाली तीज 15 अगस्त, शनिवार को मनाई जाएगी. इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन के लिए व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं योग्य जीवनसाथी की कामना से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं.

By: Ranjana Sharma | Published: July 23, 2026 6:43:03 PM IST



Hariyali Teej 2026: सावन का महीना शुरू होते ही भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना से जुड़े पर्वों की रौनक बढ़ जाती है. इन्हीं प्रमुख पर्वों में हरियाली तीज का विशेष स्थान है. यह पर्व विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन महिलाएं निर्जला या अपनी परंपरा के अनुसार व्रत रखकर पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं. वहीं, अविवाहित युवतियां भी भगवान शिव जैसा योग्य जीवनसाथी पाने की इच्छा से यह व्रत करती हैं. उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर भारत के कई राज्यों में यह पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है.

कब है हरियाली तीज 2026?

हिंदू पंचांग के अनुसार हरियाली तीज का पर्व सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. साल 2026 में हरियाली तीज शनिवार, 15 अगस्त को मनाई जाएगी. इस दिन सुबह से ही शिवालयों और देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का विधि-विधान से पूजन करती हैं. पूजा तृतीया तिथि में करना शुभ माना जाता है. इसलिए पूजा का सही समय अपने शहर के पंचांग के अनुसार अवश्य देख लेना चाहिए.

हरियाली तीज का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कई वर्षों तक कठिन तपस्या की थी. उनकी अटूट भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया. इसी दिव्य मिलन की स्मृति में हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है. यह पर्व पति-पत्नी के अटूट प्रेम, विश्वास, समर्पण और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य बना रहता है.

हरियाली तीज की पूजा सामग्री

  • पूजा के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित किया जाता है. इसके साथ पूजा में निम्न सामग्री रखी जाती है—
  • बेलपत्र
  • हरे पत्ते और फूल
  • फल और मिठाई
  • हरी चूड़ियां
  • मेहंदी
  • सिंदूर
  • अक्षत
  • धूप-दीप
  • कलश
  • मौसमी फल
  • पूजा का प्रसाद
पूजा के बाद शिव-पार्वती की आरती की जाती है और हरियाली तीज व्रत कथा का श्रवण किया जाता है.

हरियाली तीज की पूजा विधि

हरियाली तीज के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद पूजा स्थान को साफ करके भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें. विधि-विधान से पूजन करें, बेलपत्र, पुष्प, फल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें. अगर आपने व्रत रखा है तो पूरे दिन संयम रखें और भगवान का ध्यान करते रहें. पूजा के बाद आरती करें, व्रत कथा सुनें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन जरूरतमंद लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी शुभ माना जाता है.

हरियाली तीज पर क्या करें?

  • सुबह स्नान कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें.
  • पूरे श्रद्धा भाव से व्रत का पालन करें.
  • हरी चूड़ियां, मेहंदी और पारंपरिक श्रृंगार करें.
  • व्रत कथा सुनें और आरती करें.
  • जरूरतमंदों को दान करें.
  • परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें.
  • भगवान शिव और माता पार्वती के मंत्रों का जाप करें.

हरियाली तीज पर क्या न करें?

  • किसी से विवाद या झगड़ा न करें.
  • पूजा में जल्दबाजी न करें.
  • व्रत के नियमों का उल्लंघन न करें.
  • किसी का अपमान या दिल दुखाने से बचें.
  • क्रोध, ईर्ष्या और नकारात्मक विचारों से दूर रहें.
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन और श्रद्धा से की गई पूजा भगवान शिव और माता पार्वती का विशेष आशीर्वाद दिलाती है.

हरियाली तीज क्यों माना जाता है इतना खास?

हरियाली तीज केवल एक धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, समर्पण और वैवाहिक जीवन की मजबूती का प्रतीक भी है. यही कारण है कि हर वर्ष लाखों महिलाएं इस पर्व का बेसब्री से इंतजार करती हैं और पूरे श्रद्धा भाव से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं.

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