Home > धर्म > आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर चंद्र दर्शन का है विशेष महत्व, जानें पूजा का सही तरीका,शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर चंद्र दर्शन का है विशेष महत्व, जानें पूजा का सही तरीका,शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Chandra Darshan July 2026: सनातन धर्म में चंद्रमा को मन, शीतलता और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर पहली बार चंद्र दर्शन करना बेहद शुभ होता है.आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.

By: Shivashakti Narayan Singh | Published: July 8, 2026 5:26:46 PM IST



Chandra Darshan July 2026: सनातन धर्म में चंद्रमा को मन, शीतलता और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर पहली बार चंद्र दर्शन करना बेहद शुभ होता है. इस दिन विधि-विधान से चंद्र देव की पूजा करने और अर्घ्य देने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और परिवार में खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है. आइए जानते हैं जुलाई 2026 में चंद्र दर्शन कब होगा, शुभ समय क्या है और पूजा कैसे करनी चाहिए.
 
मान्यता है कि शुक्ल पक्ष की द्वितीया पर चंद्र दर्शन करने से जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है और मन की अशांति दूर होती है. श्रद्धा और नियम के साथ की गई पूजा से चंद्र देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और सुख-समृद्धि का रास्ता खुलता है.

जुलाई 2026 में चंद्र दर्शन कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को पड़ रही है. इसी दिन शाम को चंद्र दर्शन का शुभ अवसर मिलेगा.
  • चंद्र दर्शन का शुभ समय:
  • तारीख: 15 जुलाई 2026, बुधवार
  • चंद्र दर्शन का समय: शाम 7:21 बजे से रात 8:19 बजे तक
इसी दौरान चंद्रमा के दर्शन कर पूजा करना शुभ माना गया है.

क्यों खास माना जाता है चंद्र दर्शन?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा का संबंध मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन से होता है. भगवान शिव भी अपने मस्तक पर चंद्रमा धारण करते हैं, इसलिए चंद्र देव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि नियमित चंद्र दर्शन और पूजा करने से मन शांत रहता है, परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

ऐसे करें चंद्र देव की पूजा

चंद्र दर्शन के दिन शाम को स्नान कर साफ और हल्के रंग के वस्त्र पहनें. चंद्रमा दिखाई देने पर सबसे पहले उन्हें कच्चे दूध से अर्घ्य अर्पित करें. दूध में सफेद फूल, अक्षत (चावल) और थोड़ी-सी मिश्री मिलाना शुभ माना जाता है. इसके बाद साफ जल से दोबारा अर्घ्य दें.पूजा के दौरान चंद्र देव को खीर का भोग लगाएं और श्रद्धा के साथ ‘ॐ चंद्राय नमः’ या ‘ॐ सोमाय नमः’ मंत्र का जाप करें.

इस दिन करें ये आसान उपाय

ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को माता और मन का कारक माना गया है. इसलिए इस दिन अपनी माता का आशीर्वाद अवश्य लें. साथ ही अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद लोगों को चावल, दूध, चीनी, सफेद वस्त्र या खीर का दान करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से चंद्र दोष कम होने और मानसिक शांति मिलने की मान्यता है.
 
  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

Advertisement