Sarfaraz Murder Case: डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं स्थित सुजला तिराहे पर 22 वर्षीय युवक सरफराज की चाकू मारकर हत्या के मामले में जसवंतगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ा खुलासा किया है. इस बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य साजिश में शामिल आरोपी शाहिद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल तीन विधि से संघर्षरत नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है.
पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा और लाडनूं वृताधिकारी जितेंद्र सिंह के सुपरविजन में जसवंतगढ़ थानाधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया.
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
शुरुआती जांच में सामने आया कि सरफराज और अरबाज व उसके साथियों के बीच पहले से रंजिश चल रही थी. 23 अप्रैल की रात करीब 10:30 बजे सरफराज जसवंतगढ़ में एक दावत से लौट रहा था, तभी सुजला तिराहे पर आरोपियों ने उसका रास्ता रोक लिया और चाकुओं से हमला कर उसकी हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी.
तकनीकी जांच से आरोपियों की पहचान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत टीम गठित कर आसूचना संकलन, सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर एक आरोपी शाहिद को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया गया. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल चाकू, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी जब्त की है.
धरना और आक्रोश के बाद तेज हुई कार्रवाई
हत्या के बाद परिजनों और समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था. लाडनूं अस्पताल की मोर्चरी के बाहर दो दिन तक धरना चला और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग उठी. पुलिस के आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त हुआ, जिसके बाद अब इस मामले में गिरफ्तारी कर पुलिस ने राहत दी है.
एसपी ऋचा तोमर ने क्या कहा?
एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तारी की गई है. उन्होंने कहा कि फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा रही है.
पुलिस टीम का योगदान
इस कार्रवाई में जसवंतगढ़ थानाधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व में लाडनूं थानाधिकारी शंभूदयाल, एएसआई इकबाल खान, एएसआई परमाराम, एएसआई अनिल कुमार, साइबर सेल प्रभारी एएसआई प्रेमप्रकाश, हेड कांस्टेबल पवन कुमार और सुखाराम सहित कांस्टेबल मुकेश, चंद्रकांत, सुखेंद्र सिंह, जयसिंह, लीलाधर, राम सिंह और साइबर सेल के रवि बारूपाल की अहम भूमिका रही.फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं.