Home > राजस्थान > राजस्थान की जेल में पहली बार सजेगा शादी का मंडप,  पति की हत्या के केस में सजा काट रही महिला अब करेगी कैदी से दूसरी शादी; जानिए लव स्टोरी

राजस्थान की जेल में पहली बार सजेगा शादी का मंडप,  पति की हत्या के केस में सजा काट रही महिला अब करेगी कैदी से दूसरी शादी; जानिए लव स्टोरी

Rajasthan Open Jail Love Story: राजस्थान हाईकोर्ट ने ओपन जेल में सजा काट रहे दो उम्रकैद कैदियों को शादी की अनुमति दी है. जानिए पति की हत्या के मामले में दोषी महिला और दूसरे सजायाफ्ता कैदी की अनोखी प्रेम कहानी.

By: Shivashakti Narayan Singh | Last Updated: July 18, 2026 1:07:35 PM IST



Rajasthan Open Jail Love Story: राजस्थान हाईकोर्ट ने ओपन जेल में सजा काट रहे दो उम्रकैद कैदियों को शादी की अनुमति दी है. जानिए पति की हत्या के मामले में दोषी महिला और दूसरे सजायाफ्ता कैदी की अनोखी प्रेम कहानी.
 
राजस्थान से एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है. यहां उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदी जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. खास बात यह है कि महिला अपने पति की हत्या के मामले में दोषी है, जबकि पुरुष भी हत्या के केस में उम्रकैद की सजा काट रहा है. दोनों की मुलाकात जोधपुर की ओपन जेल में हुई, जहां साथ काम करते-करते दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए और अब राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी शादी की अनुमति दे दी है.

जेल परिसर में होगी शादी

राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि दो बालिग व्यक्तियों को अपनी इच्छा से विवाह करने का अधिकार संविधान द्वारा दिए गए व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है. अदालत ने जेल प्रशासन को सभी जरूरी नियमों का पालन करते हुए दोनों की शादी कराने के निर्देश दिए हैं.कोर्ट के आदेश के मुताबिक शादी ओपन जेल परिसर में होगी. समारोह में पंडित सहित दोनों पक्षों के अधिकतम 21 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई है. जरूरत पड़ने पर जेल प्रशासन अपने विवेक से अतिरिक्त लोगों को भी अनुमति दे सकेगा.

 कैसे हुई दोनों की मुलाकात?

मूलाराम नागौर जिले का रहने वाला है. वह वर्ष 2017 के हत्या के एक मामले में दोषी ठहराया गया था और 2023 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई. करीब दो साल पहले उसे अजमेर जेल से जोधपुर की ओपन जेल भेजा गया.वहीं सीमा मुंबई की रहने वाली है. वर्ष 2016 में शादी के कुछ ही समय बाद उसने अपने पति की हत्या कर दी थी. इस मामले में 2019 में उसे उम्रकैद की सजा मिली. बाद में उसे भी महिला जेल से ओपन जेल में स्थानांतरित कर दिया गया.ओपन जेल में दोनों खेती का काम करते थे. इसी दौरान दोनों की दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई. इसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया.

कोर्ट में दायर की गई थी याचिका

शादी की अनुमति के लिए मूलाराम ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की. सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अदालत को बताया कि वे अपनी मर्जी से विवाह करना चाहते हैं. उनका कहना था कि इससे उनके सामाजिक पुनर्वास में भी मदद मिलेगी.राज्य सरकार ने भी अदालत को बताया कि ओपन जेल के नियमों के तहत इस विवाह पर उसे कोई आपत्ति नहीं है.

शादी का पूरा खर्च खुद उठाएंगे

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शादी की तारीख पहले से जेल प्रशासन को बतानी होगी. सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. विवाह समारोह का पूरा खर्च दोनों पक्ष स्वयं उठाएंगे.यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि सजा काट रहे कैदियों के भी कुछ मौलिक अधिकार सुरक्षित रहते हैं और कानून के दायरे में रहते हुए उन्हें उनका लाभ मिल सकता है.

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