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जंगलों के रास्ते बांध पर ले गया, फिर बिना कपड़ों के छात्राओं के साथ नहाने लगा स्कूल प्रिंसिपल, शिक्षा विभाग ने किया सस्पेंड

Alwar School Principal Video: राजस्थान के अलवर जिले में थानागाजी सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने स्वतंत्रता दिवस पर छात्र-छात्राओं को तैराकी सिखाने और घुमाने के बहाने बांध पर ले गए. जहां वो छात्राओं के साथ बिना कपड़ों के नहाते हुए नजर आए.

By: Sohail Rahman | Published: August 23, 2026 1:58:22 PM IST



Rajasthan News: राजस्थान के अलवर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला स्वतंत्रता दिवस का है. जहां 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद बच्चों को तैराकी सिखाने और घूमाने के बहाने स्कूल से करीब 2 किलोमीटर दूर एक बांध पर ले जाया गया. जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है. जिसके बाद स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

वायरल वीडियों में स्कूल के प्रिंसिपल को बांध के पानी में छात्राओं के साथ बिना कपड़ों के नहाते हुए देखा जा सकता है. वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया.

प्रिंसिपल सस्पेंड

ग्रामीण स्कूल पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई. जिसके बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू की. विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. बताया जा रहा है कि यह सरकारी स्कूल अलवर के थानागाजी इलाके में स्थित है. 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के बाद प्रिंसिपल कथित तौर पर छात्र-छात्राओं को जंगल के रास्ते से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित भड़ाज बांध की तरफ ले गए. जिसके बारे में बच्चों को बताया गया कि तैराकी सिखाने और घुमाने ले जाया जा रहा है. इस समूह में लगभग 20 से 25 बड़ी छात्राओं के मौजूद रहने की खबर सामने आ रही है.

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ग्रामीणों ने उठाए सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद ग्रामीणों द्वारा तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि जहां बच्चों को ले जाया गया, क्या वह जगह वास्तव में बच्चों के लिए सुरक्षित थी? इसके अलावा, लोगों का बांध के बारे में कहना है कि बांध का किनारा केवल 5 से 6 फीट चौड़ा है और वहां पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी है. ग्रामीणों और प्रशासन का कहना है कि इस जगह पर जाने पर लगभग 4 वर्षों से प्रतिबंध है और फिर भी प्रिसिंपल पर बच्चों को वबां ले जाने का आरोप है. इसके अलावा, ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को बिना लाइफ जैकेट या पर्याप्त सुरक्षा उपायों के पानी में उतारा गया और उनमें से कई को तो तैरना भी नहीं आता था.

इसके अलावा, मामला तब और गंभीर हो गया जब प्रिंसिपल को छात्राओं के साथ पानी में देखा गया. जिसका वीडियो वहां मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड कर लिया और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

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