Mustard Oil Machine: खैरथल दशकों से अपने सरसों तेल उद्योग के लिए देशभर में प्रसिद्ध रहा है. यहां 120 से अधिक तेल मिलें और एक्सपेलर स्थापित हैं, जिसने इस क्षेत्र को राजस्थान की प्रमुख तेल मंडियों में शामिल कर दिया है. जिले में बड़ी मात्रा में सरसों की खेती होती है, जिससे स्थानीय उद्योग को लगातार मजबूती मिल रही है. खैरथल का सरसों तेल अपनी शुद्धता और गुणवत्ता के कारण लंबे समय से बाजार में खास पहचान बनाए हुए है.
किसान अब खुद निकलवा रहे शुद्ध तेल
न्यूज 18 की एक खबर के अनुसार अब यहां के किसान बाजार में मिलने वाले अलग-अलग ब्रांड के तेल खरीदने के बजाय अपनी ही फसल से तेल निकलवाना पसंद कर रहे हैं. इससे उन्हें ताजा और शुद्ध सरसों तेल मिल रहा है. साथ ही बाजार की तुलना में कम कीमत में तेल उपलब्ध होने से किसानों को आर्थिक लाभ भी हो रहा है. किसान मानते हैं कि खुद की सरसों से निकला तेल ज्यादा भरोसेमंद और स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है.
गांव-गांव पहुंच रही मोबाइल पिराई मशीन
खैरथल-तिजारा जिले के कई गांवों में अब ट्रैक्टर के पीछे लगी चलती-फिरती सरसों तेल पिराई मशीनें पहुंच रही हैं. ये मशीनें किसानों के घर या खेत तक जाकर सरसों की पिराई करती हैं. इससे किसानों को तेल निकलवाने के लिए मिलों तक नहीं जाना पड़ता. तेल के साथ निकलने वाली खल का उपयोग पशुओं, खासकर भैंसों के चारे के रूप में किया जा रहा है. इस सुविधा से समय और परिवहन खर्च दोनों की बचत हो रही है.
आधुनिक तकनीक से बेहतर गुणवत्ता
ट्रैक्टर पर लगी इन आधुनिक मशीनों में ठंडे तरीके से तेल निकाला जाता है, जिससे तेल का स्वाद और गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है. किसानों से इसके लिए लगभग 8 रुपये प्रति किलो के हिसाब से शुल्क लिया जाता है. कम लागत में शुद्ध तेल मिलने के कारण गांवों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. यह मॉडल ग्रामीण इलाकों में आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रहा है.
किसानों और युवाओं के लिए नया रोजगार
यह मोबाइल तेल पिराई व्यवस्था किसानों और युवाओं के लिए रोजगार का अच्छा साधन बनती जा रही है. कई किसान ट्रैक्टर में मशीन लगाकर गांवों में सेवा दे रहे हैं और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. खैरथल के तेल की गुणवत्ता पर बड़ी कंपनियां भी भरोसा जता रही हैं. पतंजलि, रिलायंस, अडानी, फ्लिपकार्ट और विशाल मेगा मार्ट जैसी कंपनियां यहां से बड़ी मात्रा में तेल खरीदकर अपने ब्रांड नाम से देशभर में बेच रही हैं.