kuchaman 5 Crore Cyber Scam: डीडवाना-कुचामन जिले में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. कुचामन सिटी पुलिस की इस कार्रवाई में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में साइबर फ्रॉड में उपयोग होने वाली सामग्री बरामद की गई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देशभर में 5 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दे चुका है.
पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा व वृत्ताधिकारी मुकेश चौधरी के सुपरविजन में कुचामन सिटी थाना प्रभारी सतपाल सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई.
ऐसे हुआ खुलासा
बीती 1 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक संदिग्ध सफारी गाड़ी (RJ 14 UD 4855) को रुकवाया. तलाशी लेने पर गाड़ी में सवार प्रशांत सिंह और इमरान उर्फ शेखू के पास से एटीएम कार्ड, सिम, मोबाइल और बैंक दस्तावेज मिले. जांच में सामने आया कि इन खातों पर विभिन्न राज्यों में साइबर शिकायतें दर्ज हैं. दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद 3 मई को जयपुर के झोटवाड़ा और करधनी क्षेत्र से तीन अन्य आरोपी—अशोक कुमार सोनी, कमल किशोर सोनी और विष्णु सोनी को भी गिरफ्तार किया गया.
करोड़ों का साइबर नेटवर्क
जांच में पता चला कि गिरोह के पास 100 से अधिक बैंक खातों का नेटवर्क था. इन खातों के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग जगह ट्रांसफर किया जाता था. अब तक 60 से अधिक साइबर ठगी के मामलों का लिंक सामने आया है, जो गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों से जुड़े हैं.
बरामद सामग्री
पुलिस ने आरोपियों के पास से 16 मोबाइल फोन, 26 एटीएम कार्ड, 16 बैंक पासबुक, 4 चेक बुक, 6 सिम कार्ड, 2 लैपटॉप और एक सफारी गाड़ी जब्त की है. इसके अलावा पैन कार्ड, आधार कार्ड, टैबलेट और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं.
ठगी का तरीका
गिरोह गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता था और उनके एटीएम व सिम अपने कब्जे में ले लेता था. इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी इन्वेस्टमेंट व गेमिंग ऐप के जरिए लोगों को झांसे में लेकर रकम इन खातों में डलवाई जाती थी.
दिन और रात में अलग-अलग टीमें काम करती थीं—एक टीम पैसे जमा करवाती थी, जबकि दूसरी टीम एटीएम और चेक के जरिए रकम निकालकर आगे ट्रांसफर कर देती थी.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा ने बताया कि यह एक संगठित साइबर गिरोह है, जो देशभर में ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था. आरोपियों से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस इस गिरोह की जड़ों तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई करेगी.
पुलिस की अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें और ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले निवेश ऑफर्स से दूर रहें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें.
गिरफ्तार आरोपी
प्रशांत सिंह, इमरान उर्फ शेखू, अशोक कुमार सोनी, कमल किशोर सोनी और विष्णु सोनी.
इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
पुलिस टीम की इस कार्रवाई में सतपाल सिंह , थानाधिकारी कुचामन सिटी. प्रेम प्रकाश सहायक उप निरीक्षक, प्रभारी साइबर सेल. रोहिताश सिंह हेड कांस्टेबल.छोटूराम कांस्टेबल. दुर्गाराम कांस्टेबल. जितेन्द्र कांस्टेबल. बनवारी लाल कांस्टेबल.देवीलाल कांस्टेबल.लाल सिंह कांस्टेबल. राजकुमार कांस्टेबल. ओमप्रकाश कांस्टेबल.रवि बारूपाल कांस्टेबल, साइबर सेल. निशा कंवर महिला कांस्टेबल, साइबर सेल.
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