Home > क्राइम > जिस मां का पिया दूध उसी के उड़ा दिए चीथड़े! सरकारी नौकरी के लिए बेटी ने किया ऐसा कांड; जान हक्का-बक्का रह जाएंगे आप

जिस मां का पिया दूध उसी के उड़ा दिए चीथड़े! सरकारी नौकरी के लिए बेटी ने किया ऐसा कांड; जान हक्का-बक्का रह जाएंगे आप

Rajasthan Murder Case: राजस्थान से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने अपनों को शर्मसार कर दिया है. दरअसल, यहां एक माँ ने पिता की मौत के बाद घर को बोझ अपने कांधों पर उठा रखा था. लेकिन उसे क्या पता था कि जिनके लिए वो इतना योगदान कर रही है वही उसकी जान के दुश्मन बन जाएंगे.

By: Heena Khan | Last Updated: July 8, 2026 1:13:51 PM IST



Rajasthan Murder Case: राजस्थान से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने अपनों को शर्मसार कर दिया है. दरअसल, यहां एक माँ ने पिता की मौत के बाद घर को बोझ अपने कांधों पर उठा रखा था. लेकिन उसे क्या पता था कि जिनके लिए वो इतना योगदान कर रही है वही उसकी जान के दुश्मन बन जाएंगे. पुलिस की जांच में सामने आई यह कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 23 साल की आयुषी ने अपनी विधवा माँ, नीरज शर्मा, की हत्या की साज़िश रची, ताकि वो अपनी माँ की संपत्ति हासिल कर सके और मानवीय आधार पर सरकारी नौकरी ले सके. 

महीनों तक बनाई हत्या की योजना 

पुलिस का कहना है कि, यह हत्या कोई मामूली हत्या नहीं बल्कि सोची समझी साजिश है. 3 महीनों तक इस बात की प्लानिंग की गई कि कैसे माँ की हत्या की जाए. हर कदम बहुत सोच-समझकर उठाया गया था; साथियों को शामिल किया गया, गाड़ी का इंतज़ाम किया गया और हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई. इतना ही नहीं जांच के दौरान सामने आया है कि नीरज शर्मा के पति, विजय कुमार शर्मा, कोर्ट में LDC (लोअर डिवीज़न क्लर्क) के तौर पर सरकारी नौकरी करते थे. इतना ही नहीं, लगभग एक साल पहले उनकी मौत के बाद परिवार काफी परेशान था और पैसों की समस्या भी आ पड़ी थी. परिवार का गुज़ारा करने के लिए नीरज ने मानवीय आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की थी. हालांकि, पुलिस का दावा है कि यही नौकरी आयुषी के लालच का कारण बन गई. और उसने अपनी माँ की जान लेने की ठान लिया. 

ऐसे उतारा मौत के घाट 

जानकारी के मुताबिक आयुषी ने अपने चाचा मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर माँ को जान से मारने की साजिश रची है. मारने से पहले कई तरह की प्लानिंग की गई, लेकिन आखिरकार नीरज की मौत को सड़क दुर्घटना का रूप देने का फैसला किया गया. किराए की SUV का इस्तेमाल करके की गई पहली कोशिश नाकाम रही. इसके बाद, दूसरी गाड़ी का इंतज़ाम किया गया और कई दिनों तक नीरज की गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी गई.

7 लाख में हायर किया कॉन्ट्रैक्ट किलर 

पुलिस का कहना है कि, हत्या को अंजाम देने के लिए भरतपुर के बयाना निवासी हेमंत शर्मा के साथ ₹7 लाख का सौदा तय किया गया था. हेमंत ने इस अपराध के लिए अपने चार साथियों को शामिल किया. पूरी टीम को एक ही मकसद दिया गया था: ऐसा दिखाना कि नीरज की मौत तेज़ रफ़्तार गाड़ी की टक्कर से हुई है. वहीँ फिर 3 जुलाई की शाम को, लगभग 4:45 बजे, नीरज अपने दिव्यांग बेटे को कोचिंग क्लास में छोड़कर घर लौट रही थीं. इसी दौरान, एक तेज़ रफ़्तार SUV ने उन्हें ज़ोरदार टक्कर मारी. वो टक्कर इतनी तेज थी की मौके पर ही नीरज ने दम तोड़ दिया. 

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मौत का सता रहा था डर 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शुरुआत में यह मामला हिट-एंड-रन का माना गया था लेकिन नीरज के भाई राकेश शर्मा ने पुलिस को ये जानकारी दी कि उनकी बहन की सिर्फ सड़क हादसे में ही मौत नहीं हुई है बल्कि उनकी हत्या की गई है. उन्होंने बताया कि नीरज ने कई बार ज़िक्र किया था कि उनकी बेटी आयुषी, सास और भतीजे बलराम उन्हें प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों को लेकर लगातार परेशान करते थे. पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि नीरज ने आयुषी के बढ़ते हिंसक व्यवहार के बारे में अपने भाई को बताया था. उन्हें डर था कि कभी भी कोई गंभीर घटना हो सकती है. बाद में यह जानकारी जांच का एक अहम आधार बनी.

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