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भीवपुरा हमले के आरोपी अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर, न्याय की मांग को लेकर नौवें दिन भी धरने पर डटे ग्रामीण

Bhiwpura Attack: डीडवाना-कुचामन के भीवपुरा हमले में 24 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया है. नावां उपखंड कार्यालय के बाहर नौवें दिन भी धरना जारी रहा. ग्रामीणों ने क्रमिक अनशन शुरू कर गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी.

By: Shivashakti Narayan Singh | Published: April 28, 2026 8:40:42 PM IST



Bhiwpura Attack: डीडवाना-कुचामन जिले के मारोठ थाना क्षेत्र के भीवपुरा गांव के पास हुए जानलेवा हमले के 24 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. 20 अप्रैल से नावां उपखंड कार्यालय के सामने शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा. 

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इतने दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने के बावजूद प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा.धरने के दौरान आमजन ने अपने उद्बोधन में कहा कि 9 दिनों से वे शांति और संयम के साथ न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया. 

28 अप्रैल से शुरू हुआ धरना

इसी के विरोध में 28 अप्रैल से क्रमिक अनशन शुरू किया गया, जिसमें सीताराम लुहाच, बजरंग लाल लुहाच, भानु प्रताप जांगू, महेंद्र कुमार कस्वा, पूरणमल नेटवाल, रामकुमार जांगू और कमल किशोर जांगू अनशन पर बैठे हैं.मंगलवार को प्रशासन की ओर से कुचामन सीओ मुकेश चौधरी, नावां थानाधिकारी नंदलाल चौधरी और तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और साफ कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही धरना समाप्त किया जाएगा.

पुलिस का पक्ष

कुचामन पुलिस उपाधीक्षक मुकेश चौधरी ने बताया कि पुलिस लगातार मामले में सक्रिय है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि तीन अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं. इसके साथ ही साइबर टीम भी आरोपियों से जुड़ी तकनीकी जानकारी जुटाने में लगी हुई है, ताकि उनके लोकेशन और मूवमेंट का पता लगाया जा सके.उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से धरने पर बैठे लोगों को समझाने के प्रयास किए गए, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है. पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे और मामले का खुलासा किया जाएगा.

क्या है पूरा मामला 

4 अप्रैल की रात भीवपुरा निवासी शिशपाल जाट अपने साथी रामकुमार के साथ वाहन से घर लौट रहे थे. रास्ते में गांव के ही कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी रुकवाकर दोनों को नीचे उतार लिया और शिशपाल पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया. इस हमले में उसके सिर और शरीर पर  चोटें आईं, जबकि पैर में फ्रैक्चर भी हुआ. घटना के बाद 5 अप्रैल को मारोठ थाने में मामला दर्ज कराया गया, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और गवाहों व परिवार को धमका रहे हैं, साथ ही पुलिस पर राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई में देरी के आरोप भी लगाए गए हैं.

प्रशासन का पुतला फूंका

मामले को लेकर उपखंड कार्यालय के बाहर लगातार धरना जारी है. इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन का पुतला फूंककर विरोध जताया, वहीं पीड़ित शिशपाल ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग भी की थी. धरने के दौरान उसे उपखंड कार्यालय के बाहर लाकर विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद तहसीलदार की मौजूदगी में 108 एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया गया.

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