Asaram Bapu Case: रेप केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दरअसल, बताया जा रहा है कि आसाराम की लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए जस्टिस संजीव पुरोहित की अध्यक्षता वाली बेंच ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि उन्हें उचित चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएं. इसके अलावा, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आसाराम की सेहत और बिगड़ती है तो उन्हें किसी आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति दी जाएगी.
इस मामले में अधिवक्ता आरएस सलूजा और यशपाल राजपुरोहित ने आसाराम का पक्ष रखा. इससे पहले इस मामले की सुनवाई बुधवार (03 जून, 2026) को भी हुई थी, लेकिन वह बेनतीजा रही थी.
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
3 जून को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और जेल प्रशासन से पूछा था कि क्या कोर्ट के पिछले आदेशों का पालन किया जा रहा है. विशेष रूप से एक पिछले आदेश में कोर्ट ने निर्देश दिया गया था कि आसाराम को समय पर चिकित्सा उपचार, दवाएं और प्रतिदिन घर का बना एक वक्त का भोजन उपलब्ध कराया जाए. इसके अलावा, सरकार ने कोर्ट से अपना जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा था.
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आसाराम की अचानक बिगड़ी थी तबीयत
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मंगलवार शाम को जब आसाराम जोधपुर जेल में थे, तब अचानक उनकी सेहत बहुत ज़्यादा बिगड़ गई थी. जिसको देखते हुए उन्हें तत्काल चिकित्सा उपचार के लिए जोधपुर के आरोग्यम अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
हाल ही में मिली थी अंतरिम जमानत
हाल ही में कोर्ट ने चिकित्सा आधार पर आसाराम को दी गई अंतरिम (अस्थायी) ज़मानत की अवधि बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया था. उनकी ज़मानत की अवधि लगभग दो वर्षों तक लगातार बढ़ाई जाती रही थी, जिस पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी. पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणियां करते हुए कहा था कि ऐसे गंभीर मामलों में पीड़ित की गरिमा, सुरक्षा और उसे मिलने वाला न्याय, आरोपी के अधिकारों से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण होते हैं.
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