Ajmer Jyoti Murder Case: रिश्तों में विश्वास टूटे तो अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसका एक दर्दनाक उदाहरण राजस्थान के अजमेर में सामने आए 9 साल पुराने हत्याकांड में देखने को मिला. दूसरी पत्नी की बेरहमी से हत्या करने वाले पति और उसकी पहली पत्नी को आखिरकार कानून ने सजा दे दी.
अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. यह वारदात एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई थी, जिसमें महिला के सिर पर ईंट-पत्थरों से हमला करने के बाद चाकू से उसका गला रेत दिया गया था. मामले में लंबी सुनवाई, दर्जनों गवाहों और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया.
9 साल पुराने हत्याकांड में आया फैसला
अजमेर की एडीजे कोर्ट-3 के न्यायाधीश नीरज गुप्ता ने मंगलवार को यूपी के प्रयागराज निवासी राजन केसरी और उसकी पहली पत्नी शालू केसरी को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. फैसले के दौरान दोनों आरोपी अदालत में मौजूद थे. सजा सुनते ही शालू केसरी भावुक होकर रोने लगी.
क्या था पूरा मामला?
यह घटना कृष्णगंज थाना क्षेत्र के ईदगाह इलाके में एक किराए के कमरे में हुई. मकान मालिक बालाजी नगर निवासी रामकृष्ण ने रिपोर्ट दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि 19 मई 2017 को राजन केसरी अपनी पहली पत्नी शालू, दूसरी पत्नी ज्योति और अपनी तीन महीने की बेटी के साथ रहने आया था. इससे पहले, वे गुरुग्राम से अजमेर आए थे और एक होटल में रुके थे.
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 20 मई 2017 को राजन और शालू ने ज्योति के सिर पर ईंटों और पत्थरों से हमला किया. फिर उन्होंने चाकू से उसका गला रेत दिया और उसकी हत्या कर दी. घटना के बाद, दोनों आरोपियों ने कमरा बाहर से बंद कर दिया और तीन महीने की बच्ची को लेकर भाग गए.
कैसे चला हत्या का पता?
24 मई 2017 को मकान मालिक कुछ काम करवाने के लिए अपने कमरे में गया. कमरा बाहर से बंद था और अंदर से तेज़ बदबू आ रही थी. ताला तोड़ने पर उन्हें एक महिला की सड़ी-गली लाश मिली. सूचना मिलने पर कृष्णगंज थाना पुलिस, FSL टीम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान पास के एक प्लॉट से खून से सने कपड़े और मृतका का मोबाइल फोन बरामद किया गया.
इंदौर और गुरुग्राम में हुई गिरफ्तारी
जांच के दौरान, 29 मई, 2017 को पुलिस ने आरोपी पति राजन केसरी को इंदौर और उसकी पहली पत्नी शालू केसरी को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया. उनके साथ मौजूद तीन महीने की बच्ची को भी सुरक्षित हिरासत में ले लिया गया. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. केस ट्रायल में चला और दोनों आरोपी करीब तीन साल से बेल पर बाहर थे.
पहली पत्नी के साथ रहने को लेकर था विवाद
पुलिस जांच में पता चला कि राजन की पहली शादी शालू से हुई थी और बाद में उसने ज्योति से शादी कर ली. उसकी दूसरी पत्नी ज्योति नहीं चाहती थी कि उसका पति शालू के साथ रहे. यह बात घर में हमेशा झगड़े की वजह बनी रहती थी. इसी झगड़े की वजह से राजन और शालू ने ज्योति की हत्या की साज़िश रची. उसे गुरुग्राम से अजमेर लाया गया और प्लान बनाकर उसकी हत्या कर दी गई.
ट्रायल के दौरान, प्रॉसिक्यूशन ने 30 गवाह और 97 डॉक्यूमेंट पेश किए. इन सबूतों और गवाही के आधार पर, कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी पाया और उन्हें उम्रकैद और 25-25 हज़ार रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई.