Home > क्राइम > स्कूल में आए दिन हुआ ‘बैड टच’, टीचर्स करते रहे गंदा काम… आवाज उठाई तो जड़े थप्पड़, फिर ऐसा फूटा गांव वालों का गुस्सा!

स्कूल में आए दिन हुआ ‘बैड टच’, टीचर्स करते रहे गंदा काम… आवाज उठाई तो जड़े थप्पड़, फिर ऐसा फूटा गांव वालों का गुस्सा!

पुलिस ने बच्चों को 'गुड टच और बैड टच' के बारे में बताया तो छात्राओं ने अपने घर जाकर शिक्षकों की हरकत के बारे में बताया. परिजनों की शिकायत पर दोनों टीचर को पहले स्कूल से हटाया गया. इसके बाद सस्पेंड कर दिया गया.

By: Kajal Jain | Published: July 27, 2026 10:16:10 AM IST



राजस्थान के अजमेर जिले से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसने स्कूली छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ कर दिए हैं. घटना पीसांगन क्षेत्र स्थित एक सरकारी स्कूल की है जहां छात्राओं के साथ गलत हरकत और आपत्तिजनक चैट के आरोप में 2 टीचर और पीटीआई ललित कुमार और अध्यापक मोहम्मद अली को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया. यह खुलासा जुलाई 2026 में हुआ जब पुलिस विद्यालय में बच्चों को ‘गुड टच और बैड टच’ की जानकारी दे रही थी. जिसके बाद छात्राओं ने आवाज उठाई और बताया कि आरोपी उनके साथ अनुचित व्यवहार करते थे. इस मामले में कुछ आपत्तिजनक ऑनलाइन चैट भी बरामद की गई है जिसके बाद पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज करके जांच-पड़ताल शुरू कर दी है.

गुड टच-बैड टच अवेयरनेस के बाद उठे सवाल

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला अजमेर के सरकारी स्कूल है, जहां पुलिस अधिकारी की ओर से छात्र-छात्राओं को  गुड टच-बैड टच और साइबर अपराधों पर जागरूकता की क्लास ली गई. जैसे ही छात्राओं को पता चला कि यह चीजें कितनी गलत होती है तो उन्होंने अपने घर जाकर परिजनों को उसके साथ हुए हादसे की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन शिकायत लेकर स्कूल प्रशासन के पास पहुंचे. जहां छात्राओं ने टीचर्स के बारे में बताया तो एक महिला टीचर ने छात्रा को थप्पड़ जड़ दिया जिसके बाद परिजनों और स्कूल स्टाफ के बीच झड़प हो गई.

टीचर्स के फोन से बरामद हुई चैट्स

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, छात्राओं ने जागरुक होने के बाद परिजनों को दोनों टीचर्स की हरकतों के बारे में बताया. परिजनों द्वारा स्कूल प्रशासन को दी शिकायत में लिखा है कि दोनों टीचर्स बच्चियों को आपत्तिजनक मैसेज भेज रहे थे. छात्राओं के साथ बैड टच कर रहे थे. विरोध करने पर धमकी देते थे कि आवाज उठाई तो उन्हें फेल कर दिया जाएगा. इस मामले में चैट्स और कॉल रिकॉर्ड बरामद किए जा चुके हैं. इस पूरे मामले पर परिजनों ने मुखरता से विरोध किया जिसके बाद स्कूल प्रशासन और प्रिंसिपल ने तत्काल प्रभाव से दोनों टीचर्स को काम से हटाया और स्कूल से सस्पेंड कर दिया.

मामला दबा रहा था स्कूल

परिजनों का आरोप है कि जब छात्रा ने सबसे पहले स्कूल की प्रिंसिपल को वारदात के बारे में जानकारी दी तो पूरे मामले को दबाने की कोशिश की गई. लेकिन जब छात्रा के परिजन और ग्रामीणों का दबाव ज्यादा बढ़ने लगा तो प्रिंसिपल ने मामले की जानकारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दी. रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीर से लिया और तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए. अजमेर संभाग के संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) डॉ. महावीर प्रसाद शर्मा ने दोनों शिक्षकों का सस्पेंशन जारी कर दिया. दोनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें:- Delhi Crime: धक्का लगते ही हैवान बन गया शराबी, बीच सड़क बेल्ट से कसकर घोंट दिया व्यापारी का गला, मौके पर मची चीख-पुकार!

Advertisement