नई दिल्ली. चीन के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के दावे से भारत में भी हलचल मची हुई है. दरअसल अखबार ने दावा किया है कि भारत समेत कई देशों की करेंसी चीन में छापी जाती है. चाइना बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन (सीबीपीएमबी) के अध्यक्ष लियू गुइशेंग ने भी माना है कि चीन की सरकार के पास कई देशों के करेंसी नोट छापने का कॉन्ट्रैक्ट है. लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक ने इस रिपोर्ट को गलत बताया है. आरबीआई का कहना है कि भारतीय करेंसी अपने ही देश में छापी जाती है.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में 2013 में बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी. इसके बाद चीन ने विदेशी करेंसी छापना शुरू किया. इस वक्त चीन में करेंसी का उत्पादन बहुत ज्यादा है. चीन के एक अधिकारी के मुताबिक, विदेशी करेंसी की छपाई चीनी युआन के मुकाबले ज्यादा है. सीबीपीएमबी अध्यक्ष गुईशेंग ने यह भी कहा कि 2015 में चीन ने सबसे पहले नेपाल की करेंसी छापना शुरू किया था. इसके बाद भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया, ब्राजील और पोलैंड आदि देशों की करेंसी छापना शुरू किया.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने लियू गुईशेंग के एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए इस रिपोर्ट को छापा है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है. शशि थरूर ने केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और पीयूष गोयल को टैग करते हुए ट्वीट किया है. इस ट्वीट में रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने लिखा है कि अगर यह सच है तो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घातक हो सकता है. पाकिस्तान के लिए इसकी नकल करना आसान हो जाएगा. पीयूष गोयल और अरुण जेटली कृपया इस मामले को स्पष्ट करें.

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