नई दिल्ली. राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से सार्वजनिक रूप से इस्तीफा दे दिया है. राहुल गांधी ने अपने ट्विटर हैंडल से 4 पेज का रेजिग्नेशन लेटर ट्वीट किया. लोकसभा चुनाव 2019 में मिली करारी हार के बाद राहुल गांधी अपने पद से इस्तीफे की बात कर रहे थे. हालांकि पार्टी के आला नेता और कांग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्यों ने राहुल गांधी के इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया था. हालांकि अब राहुल गांधी ने अपने इस्तीफा पत्र को सार्वजनिक कर जल्द से जल्द नए अध्यक्ष की तलाश करने की बात कही है. उन्होंने अपने इस्तीफा पत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया. राहुल गांधी के इस्तीफे को सार्वजनिक करने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाने की बात कही जा रही है. मोतीलाल वोरा के कार्यकारी अध्यक्ष बनने को लेकर पार्टी की ओर से आधिकारिक एलान नहीं हुआ है लेकिन सूत्रों के मुताबिक उन्हें नए अध्यक्ष के नाम के एलान तक कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष बनाया जा सकता है. दूसरी तरफ मोतीलाल वोरा ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि उन्हें फिलहाल इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन्हें कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है. कांग्रेस पार्टी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन बनेगा इसकी कवायद शुरू हो गई है. नए कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में मल्लिकार्जुन खड़गे, सुशील कुमार शिंदे और अशोक गहलोत के नाम की भी चर्चा है.

जानिए राहुल गांधी के इस्तीफे की 10 बड़ी बातें-

  1. राहुल गांधी ने कांग्रेस पद से इस्तीफा देते हुए लिखा है कि लोकसभा चुनाव 2019 में मिली करारी हार का जिम्मेदारी खुद ली है. ऐसी स्थिति में पार्टी के भविष्य को देखते हुए किसी न किसी को हार की जिम्मेदारी लेनी पड़ती है. इसलिए मैं कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं. राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी प्रेसिडेंट होने के नाते चुनाव में हार की पूरी जिम्मेदारी मेरी बनती है. मैं किसी दूसरे पर हार का ठिकरा नहीं फोड़ सकता.
  2. राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे में पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मैसेज दिया है. उनका कहना है कि कांग्रेस के भविष्य के लिेए कई लोगों को जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी. पार्टी के उत्थान के लिए बड़े फैसले लेने होंगे और कई कड़े कदम उठाने होंगे.
  3. राहुल गांधी ने इस पत्र में साफ किया है कि वे नए कांग्रेस प्रेसिडेंट के नाम का चुनाव नहीं करेंगे. पहले पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश के बाद उनसे नए पार्टी अध्यक्ष के नाम का सुझाव देने के लिए कहा था. कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यदि आप को पद छोड़ना है तो किसी जिम्मेदार व्यक्ति को इस पद पर बिठाना होगा और इसका चुनाव आपको ही करना है. हालांकि राहुल गांधी अपनी बात पर कायम हैं उन्होंने नए पार्टी अध्यक्ष पद के लिए किसी नेता का नाम देने से इनकार कर दिया है. राहुल गांधी का मानना है कि कोई नया व्यक्ति इस पद पर बैठे और पार्टी के नेता ही इस पर निर्णय करें.  
  4. राहुल गांधी ने अपने इस्तीफा पत्र में बीजेपी पर भी निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस ने सिर्फ एक पार्टी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा था बल्कि एक ऐसी मशीनरी के खिलाफ चुनाव लड़ा. लोकसभा चुनाव से पहले न्यायपालिका, चुनाव आयोग और प्रेस की आजादी एक मुद्दा था. यदि कोई एक पार्टी देश के वित्तीय संसाधनों पर कब्जा कर ले तो कोई भी चुनाव स्वतंत्र रूप से नहीं हो सकता है. कांग्रेस ने इन्हीं मुद्दों के साथ चुनाव लड़ा. राहुल गांधी ने कहा कि साफ तौर पर जाहिर है कि वर्तमान में भारत में सरकारी संस्थाओं की निष्पक्षता गायब हो गई है.
  5. आरएसएस की विचारधारा वाली पार्टी जब सत्ता में आई तो देश में हिंसक माहौल भी बढ़ा. मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से किसान, बेरोजगार युवा, महिलाएं, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों को परेशानी हो रही हैं. उनका शोषण किया जा रहा है. हमारे देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है. राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के फिर से प्रधानमंत्री बनने से उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर वे चुप नहीं रह सकते, सच कभी छुपता नहीं है
  6. राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस अपनी विचारधारा के लिए हमेशा लड़ती रहेगी. आज बीजेपी भारतीय जनता की आवाज को दबाने का काम कर रही है. कांग्रेस पार्टी की यह जिम्मेदारी है कि जनता की आवाज के साथ खड़ी हो. भारत की कभी एक आवाज नहीं थी और न ही कभी होगी. इस देश में अलग-अलग तरह के लोग बसते हैं और सभी तरह की विचारधाराओं का सम्मान होता है. यही भारत माता का असली अर्थ है.
  7.  राहुल गांधी के त्याग पत्र को कांग्रेस पार्टी के द्वारा राहुल गांधी के संदेश के नाम से ट्विटर पर फैलाया जा रहा है. कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता राहुल गांधी के इस्तीफे को सिरआंखों पर रख सम्मान कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इस्तीफा पत्र ट्वीट किया गया है. 
  8. राहुल गांधी ने अपने इस्तीफा पत्र में उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने उनका साथ दिया. उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस पार्टी के सम्मान के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे. जब भी पार्टी को उनकी जरूरत होगी वे तुरंत हाजिर होंगे. पार्टी के कार्यकर्ताओं पर उन्हें हमेशा भरोसा रहा है और वे उनका हमेशा सम्मान करते रहेंगे क्योंकि वे कांग्रेस का भविष्य हैं.
  9. राहुल गांधी ने इस पत्र में यह भी लिखा कि भारत में एक प्रथा हमेशा से चली आ रही है जिसमें सत्ताधारी लोग सत्ता पर ही जमे रहते हैं. उनका सत्ता का मोह छूटता नहीं है और कोई भी सत्ता को छोड़ना नहीं चाहते. लेकिन यदि हमें अपने विरोधियों को हराना है तो सत्ता का लालच छोड़ना होगा और जमीनी तौर पर विचारधारा की लड़ाई लड़नी होगी. राहुल गांधी ने कहा कि मेरा जन्म एक कांग्रेसी के तौर पर हुआ, मैं हमेशा इस पार्टी से जुड़ा रहा. कांग्रेस मेरे लिए ऑक्सीजन की तरह है और हमेशा रहेगी.
  10. राहुल गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्यों से गुजारिश की है कि उनके इस्तीफे के तुरंत बाद ही पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश की जाए. इस मामले पर सीडब्लूसी के साथ मेरा पूरा सहयोग रहेगा और मैं चाहता हूं कि यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी हो. कहा कि

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