नई दिल्ली/ केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में कोंग्रेस अपना बहुमत साबित नहीं कर पाई है. वी नारायणसामी ने सोमवार को सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया और मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि उनकी सरकार के पास बहुमत नहीं है. बाद में वी नारायणसामी की सरकार ने अपना विश्वास मत के दौरान बहुमत खो दिया है. कुछ देर में वो इस्तीफा देंगे.

 

विधानसभा के विशेष पार्ट में नारायणसामी ने कहा कि केंद्र सरकार और LG किरण बेदी ने विपक्ष के साथ मिलकर सरकार गिराने की कोशिश की है. अगर हमारे विधायक हमारे साथ होते, तो सरकार पांच साल चलती. उन्होंने आगे कहा कि हमने द्रमुक और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई थी. इसके बाद हमने कई चुनाव देखे है. सभी उपचुनावों में हमने जीत भी दर्ज की. एक बात साफ हो चुकी है कि पुडुचेरी के लोगों का हम पर भरोसा है.

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सीएम वी नारायणसामी ने विधानसभा में कहा कि विधायकों को पार्टी के लिए ईमानदार रहना चाहिए. जो विधायक पार्टी से इस्‍तीफा दे चुके हैं वे लोगों का सामना नहीं कर पाएंगे क्‍योंकि लोग उन्‍हें मौकापरस्‍त (मतलबी) कह रहे हैं.

 

गौरतलब है कि विधानसभा में कांग्रेस के पास उसके 9 विधायकों के अलावा  2 डीएमके और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन है. मतलब कहने का तात्पर्य है कि कांग्रेस के पास 11 विधायकों और स्पीकर को लेकर 12 का समर्थन है, जबकि विधानसभा की वर्तमान स्थिति के मुताबिक उन्हें बहुमत के लिए 14 विधायकों का समर्थन चाहिए. हालांकि, फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री नारायणसामी दावा करते रहे कि उनके पास निर्वाचित विधायकों में से बहुमत है.

 

पहले कोंगेस के 4 विधायकों ने इस्तीफा दिया 

– ए. जॉन कुमार, कांग्रेस

– ए. नमस्सिवम, कांग्रेस

– मल्लादी कृष्णा राव, कांग्रेस

– ई थेपयन्थन, कांग्रेस

 

फिर रविवार को 2 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया

– के. लक्ष्मीनारायणन, कांग्रेस

– के. वेंकटेशन, DMK

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