Monday, October 3, 2022

राहुल-प्रियंका गांधी को 6 घंटे बाद पुलिस हिरासत से छोड़ा गया

नई दिल्ली, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस ने शुक्रवार को देशव्यापी विरोध प्रदशन किया, एक ओर जहाँ कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा पर हमला बोला, तो वहीं राज्यसभा सांसद काला कुर्ता और पगड़ी पहनकर संसद पहुंचे. इसके अलावा कांग्रेस कार्यकर्ता भी सड़क से लेकर संसद तक विरोध महंगाई के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, इस प्रदर्शन में प्रियंका गांधी भी शामिल थी. इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई और कांग्रेस नेता राहुल गाँधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया गया, लेकिन अब छह घंटे की हिरासत के बाद राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी को पुलिस हिरासत से छोड़ दिया गया है.

वहीं, इस प्रदर्शन में राहुल गांधी काले कपड़ों में….प्रियंका गांधी काले कपड़ों में….मल्लिकार्जुन काले कपड़ों में और तमाम कार्यकर्ता भी काले लिबास में नज़र आए…ये कोई संजोग नहीं था कि पूरी पार्टी काले लिबास में सड़क पर उतर प्रदर्शन कर रही थी. दरअसल, एक तय रणनीति के तहत पार्टी ने ऐसा करने का फैसला किया, कांग्रेस का विरोध तो बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी पर था लेकिन सभी का ध्यान इन काले कपड़ों पर गया.

क्या है काले रंग के मायने

अब प्रदर्शन के दौरान जब काले कपड़े को लेकर सवाल किया गया तो कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि ज्योतिषी ने कहा था कि ऐसा करने से मोदी सरकार को सद्बुद्धि आएगी. इसलिए जनता की भलाई के लिए हम सभी आज काले लिबास में विरोध प्रदर्शन हैं. वैसे राजनीति में काले रंग के और भी कई मायने निकाले जाते हैं, काले रंग को विरोध का प्रतीक माता जाता है इसीलिए तो शुभ काम में काले रंग का इस्तेमाल नहीं किया जाता. इसके साथ ही, दूसरे देशों में भी लोग अपना विरोध जाहिर करने के लिए काले रंग की पट्टी बांधकर जाते हैं. इसी कड़ी में निराशा और गुस्से को जाहिर करने के लिए भी काले रंग का कई बार इस्तेमाल किया जाता है. कहा तो ये भी जाता है कि विरोध के बाद भी काले रंग को शक्ति से भरपूर माना जाता है, यही वजह से शुक्रवार को जब कांग्रेस सड़क पर प्रदर्शन करने उतरी, तो तमाम कार्यकर्ता काले लिबास में नजर आए.

 

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