PM Narendra Modi On CAA Protests: देश भर के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून 2019 का विरोध प्रदर्शन हिंसक स्वरूप अख्तियार कर चुका है. दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी में पुलिस की विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और स्थानीय लोगों के साथ हिंसक झड़प हो गई जिसमें कई छात्र और पुलिसवाले घायल हुए. डीटीसी बसें जला दी गईं. 5 जनवरी तक जामिया को बंद कर दिया गया है. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. पूर्वोत्तर में असम, मिजोरम, त्रिपुरा में भी हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर इन हिंसक प्रदर्शनों पर दुख जताते हुए देशवासियों से अपील की है कि वो अफवाहों पर ध्यान न दें. पीएम मोदी ने कहा कि देश के किसी भी धर्म के किसी भी नागरिक को डरने की जरूरत नहीं है. नागरिकता संशोधन कानून सताए गए अल्पसंख्यकों के लिए है न कि किसी भारतीय के लिए. 

बता दें कि देश भर में नागरिकता संशोधन बिल का विरोध विपक्षी दलों की अगुवाई में चल रहा है. कई छात्र संगठन भी इन विरोध प्रदर्शऩों की अगुवाई कर रहे हैं. असम में विरोध की आग सबसे तेज है लेकिन अब इसकी आंच देश के अलग-अलग हिस्सों में फैलने लगी है. विरोध प्रदर्शनों का हिंसक स्वरूप और उसके बाद पुलिसिया कार्रवाई से देश का माहौल बिगड़ रहा है. 

विरोध प्रदर्शनों को बहुत शातिर तरीके से सांप्रदायिक रंग भी दिया जा रहा है. इस साजिश को समझने और उजागर करने की जरूरत है. विरोध प्रदर्शन करने वाले को भी और इस कानून का समर्थन करने वालों को भी. भारत अब हिंदू बनाम मुस्लिम की लड़ाई नहीं झेल सकता. धर्म के नाम पर भारत के विभाजन के सात दशक बाद अगर उसी तरह के सुर उभरने लगेंगे तो यह हमारी समूची विकास यात्रा पर सवालिया निशान खड़ा कर देगा. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के हिंसक हो जाने पर गहरी चिंता और दुख जताया है. पीएम मोदी ने ट्विटर पर एक के बाद एक कई सारे ट्विट्स करके देशवासियों से शांति और समझदारी बरतने की अपील की है. उन्होेंने देश को बांटने वालों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा है कि इस कानून से किसी भारतीय पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. इससे भारत की सदियों पुरानी संस्कृति जो सताए गए लोगों को शरण देने की रही है, उसी का पालन किया जा रहा है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CAA पर हो रहे हिंसक प्रदर्शनों पर क्या कहा

नागरिकता संशोधन कानून पर हिंसक विरोध प्रदर्शन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और तकलीफदेह है. वाद-विवाद, चर्चा-परिचर्चा और विरोध लोकतंत्र का अनिवार्य अंग है लेकिन जब सार्वजनिक संपत्ती को नुकसान पहुंचाया जाता है और आम लोगों की जिंदगी को हिंसा से बुरी तरह प्रभावित किया जाता है तो इसे किसी भी तर्क से सही नहीं ठहराया जा सकता.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- नागरिकता संशोधन कानून संसद के दोनों सदनों ने पारित किया था. बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों ने इसका समर्थन किया था. यह कानून भारत की सदियों पुरानी संस्कृति का परिचायक है जो स्वीकार, भाईचारा, प्रेम और बंधुत्व पर आधारित है.

पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की– मैं हर भारतीय नागरिक को आश्वस्त करना चाहता हूं कि नागरिकता संशोधन कानून भारत के किसी भी धर्म के किसी भी नागरिक को प्रभावित नहीं करता है. किसी भी भारतीय को इस कानून से डरने की जरूरत नहीं है. यह कानून सिर्फ उन लोगों के लिए है जिन्होंने सदियों तक भारत के बाहर अत्याचार झेला है और जिनके पास भारत के अलावा कोई जगह नहीं है शरण के लिए. 

पीएम मोदी ने एकता और विकास के लिए साथ आने की अपील की– इस वक्त सबसे बड़ी जरूरत है कि हम सब साथ मिलकर भारत की तरक्की के लिए काम करें और इसे मजबूत बनाए. हर भारतीय खासकर गरीब, वंचित और हाशिये पर खड़े लोगों के लिए हमें मिलकर काम करना होगा. दूषित मानसिकता वाले लोगों को हम हमारे बीच दरार डालने और मतभेद पैदा करने नहीं दे सकते. 

पीएम मोदी ने शांति की अपील की- पीएम मोदी ने कहा, यह वक्त शांति, एकता और भाईचारा बनाए रखने का है. यह मेरी अपील है प्रत्येक व्यक्ति से कि किसी भी किस्म के अफवाहों और भड़काने वाली बातों में न आएं. 

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