नई दिल्ली. अब तक डोनेशन के लिए सबसे ज्यादा चर्चा केजरीवाल की रहती थी, वो इतनी बार डोनेशन के लिए ऑनलाइन अपील करते देखे गए, पेड भोज तक करते देखे गए, लेकिन देश की सबसे ज्यादा डोनेशन पाने वाली पार्टी अपना ये काम चुपचाप ही करती आई है. लेकिन अब बीजेपी के लिए डोनेशन मांगने खुद पीएम मोदी आ गए हैं. अब मोदी के नमो ऐप पर आप ऑनलाइन डोनेशन दे सकते हैं.

अब तक नमो ऐप पर कई तरह के सैक्शन थे, जिसमें मोदी या मोदी सरकार से जुड़ी खबरें, सरकार की योजनाएं, सरकारी योजनाओं की प्रगति से जुड़े आंकड़े, मन की बात के लिए सलाह, पीएम से शिकायत, पीएम के अनछुए पहलुओं से जुड़ी खबरें, नमो टीवी पर पीएम से जुड़े वीडियोज, एक्जाम वारियर टिप्स आदि होते थे. इस ऐप पर एक नमो मर्चेंडाइज सैक्शन भी है, जिसमें नमो अगेन, नमो नमो जैसे स्लोगन लिखी टी-शर्ट आदि भी ऑनलाइन खरीदी जा सकती हैं.

लेकिन सोमवार से इसमें एक और सैक्शन शुरू कर दिया गया है, जिसमें बीजेपी के सपोर्टर पार्टी को ऑनलाइन डोनेशन भी दे सकते हैं। लेकिन इसमें आप अपनी मर्जी से रकम तय नहीं कर सकते हैं. आपके पास पांच रुपया, पचास रुपया, सौ रुपया, पांच रुपया और एक हजार रुपया ही चंदा देने के विकल्प होंगे. आप इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या फिर सीधे अपने ट्विटर या फेसबुक एकाउंट से भी एंट्री कर सकते हैं. फिर अपने ई-मेल आईडी को भरकर अपना मनपसंद डोनेशन दे सकते हैं.

आप सोचेंगे कि मोदी के फैंस तो मोदी के कहने पर ज्यादा डोनेशन भी दे सकते थे, ऐसे में केवल पांच रुपए से एक हजार तक का ही विकल्प रखने की क्या जरुरत थी? उसकी वजह ये बताई जा रही है कि पिछले साल जब से जेटली ने बजट में बीस हजार रुपए की डोनेशन लिमिट दो हजार रुपए कर दी है, पार्टियां माइक्रो डोनेशन में जुट गई हैं. यानी इस रकम का हिसाब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को नहीं देना पडता. बीजेपी का मानना है कि मोदी के ऐप पर ये सिस्टम होगा, तो लोग ये छोटी रकम देने में कोताही नहीं करेंगे और बड़ी रकम के लिए तो वैसे भी पार्टी के नेता खुद देने वाले से मिलने जाते हैं.

आपको बता दें कि 2016-17 में बीजेपी ने 532 करोड़ रुपए का हिसाब इनकम टैक्स को विभाग दिया था, यानी बीस हजार रुपए से कम वाली रकम इसमें शामिल नहीं थी, जबकि उसको मिलाकर कुल 1034 करोड़ का अनुमान विभिन्न मीडिया रिपोट्स में लगाया गया है. जबकि कांग्रेस लगातार पिछड़ रही है, उसकी कमाई 2016-17 में घटकर 225 करोड़ ही रह गई है. इस बार दो हजार की लिमिट होने से सभी पार्टियों पर असर पड़ेगा, इसलिए बीजेपी ने पीएम मोदी को ही मैदान में उतार दिया है.

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