नई दिल्लीः नरेंद्र मोदी सरकार के नए आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन नोटबंदी को एक साहसिक और क्रांतिकारी कदम बताया है. उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल और राजनेता इसके खिलाफ भ्रामक प्रचार फैला रहे हैं क्योंकि वह इससे अपना राजनीतिक हित साध रहे हैं. इस सवाल पर कि क्या गरीबों को नोटबंदी से परेशानी नहीं हुई, सुब्रमण्यन ने कहा कि देश की आधी आय का वितरण निश्चित रूप से गरीबों के पास नहीं है. इसलिए उनको परेशानी आने का सवाल कम से कम है.

आपको बता दें कि कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन की जगह लेंगे जिन्होंने नोटबंदी को एक कठोर कदम बताया था. अरविंद सुब्रमण्यन ने इस साल जून में अपना पद छोड़ा था. इसके बाद शुक्रवार को केंद्र सरकार ने शुक्रवार को आईएसबी हैदराबाद के प्रोफेसर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन की नियुक्ति की है. यह नियुक्ति तीन साल के लिए है. कैबिनेट की नियुक्ति कमेटी (एसीसी) ने भी इस नियुक्ति को अप्रुव कर दिया है और इस नियुक्ति के बारे में सरकारी आधिकारिक अधिसूचना आ चुकी है.

इकोनॉमिक टाइम्स में लिखे एक लेख में कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने लिखा है कि नोटबंदी भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए एक साहसिक कदम थी. उन्होंने अपने गुरू रघुराम राजन की भी तारीफ की थी. हालांकि उन्होंने कहा था कि रघुराम राजन के कार्यकाल का अंत इस तरह नहीं होना चाहिए था. आपको बता दें कि रघुराम राजन, कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन के पीएचडी प्रोग्राम के दौरान उनके गाइड थे. कृष्णमूर्ति ने शिकागो स्कूल ऑफ बिजनेस से पीएचडी किया है.

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