मुजफ्फरनगरःपश्चिमी उत्तर प्रदेश पिछले कुछ सालों से साम्प्रदायिक रूप से काफी संवेदनशील रहा है. दंगो से प्रभावित रहे मुजफ्फरनगर में एक बार फिर एक हिंदू-मुस्लिम विवाद का मामला सामने आ रहा है. रोचक बात यह है कि यह मामला दो बच्चों के बीच हुए क्रिकेट के झगड़े से शुरू हुआ जो कि अब राष्ट्रीय सुरक्षा कानूना (रासुका) पर आ कर रूका है. खबर है कि यूपी पुलिस ने इस मामले में कुछ आरोपियों पर रासुका लगाया है, जो कि एक गैर-जमानती धारा है.

न्यूज 18 के एक रिपोर्ट के अनुसार मुजफ्फरनगर के पुर बाल्यान गांव में सुमित पाल (15) और उसके पड़ोसी दोस्त आसिफ (18) के बीच क्रिकेट खेल को लेकर 21 अगस्त को झगड़ा हुआ था. इसको लेकर आसिफ के घर वालों ने सुमित के घर वालों के पास जाकर झगड़े का उलाहना दिया. आसिफ के घर वालों के मुताबिक, ‘जब आसिफ घर आया तो उसके शरीर से खून बह रहा था. इसलिए वह उसका उलाहना लेकर पड़ोसी के घर गए थे.’

वहीं सुमित के घर वालों का कहना है कि उनके घर पर भीड़ बनाकर हमला किया गया और न केवल परिजनों से मारपीट की थी, बल्कि घर की महिलाओं से छेड़छाड़ भी किया गया. इस घटना के बाद मुस्लिम समुदाय के एक दूसरे लड़के आबिद का दावा है कि उसे कुछ लोगों के द्वारा पीटा गया. यह लड़का आबिद, सुमित और आसिफ के एक और पड़ोसी शमशेर (68) के वहां काम करता था और शमशेर या आबिद को सुमित और आसिफ के बीच हुए झगड़े से कोई मतलब नहीं था. वहीं सुमित के चचेरे भाई राहुल कुमार और निशु कुमार का दावा है कि शमशेर ने अपने नौकर आबिद को खुद पीटा और फिर हम पर वे आरोप लगा रहे हैं. राहुल ने यह भी दावा किया कि शमशेर ने उसके भाई निशु को भी पीटा.

इन दोनों घटनाओं के बाद पुर बाल्यान गांव में पुलिस आई और एक ही समुदाय कुल 28 लोगों को गिरफ्तार कर ले गई. इसमें से 3 लोगों पर पुलिस ने कुछ दिनों बाद रासुका लगा दिया, जिसमें 68 वर्षीय शमशेर का नाम भी शामिल है. शमशेर के घरवालों का कहना है कि शमशेर को दिल की बीमारी है लेकिन रासुका लगने के बाद अब उन्हें एक साल तक जेल से नहीं छुड़ाया जा सकता. शमशेर के घरवालों का यह भी दावा है कि स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री संजीव बाल्यान के कहने पर ही रासुका लगा है.

शमसेर के भाई जमशेद ने बताया कि घटना के कुछ दिनों बाद बाल्यान गांव में आए थे और उन्होंने धमकी दी थी कि सैकड़ों लोग गिरफ्तार होंगे और रासुका लगेगा. जमशेद ने कहा कि उसके बाद ही गिरफ्तारियां हुई. जमशेद ने बताया कि पूरे इलाके के मुस्लिम समुदाय के लोगों में भय व्याप्त है. कई लोग तो घर छोड़कर भाग गए हैं कि उन्हें गिरफ्तार ना कर दिया जाए. वहीं इन आरोपों के बारे में मुजफ्फरनगर के एसएसपी सुधीर कुमार ने कहा, ‘यह सभी आरोप बेबुनियाद हैं. जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं.’

मुजफ्फरनगरः जिम में पत्नी की हत्या के बाद पति ने खुद को भी मारी गोली, मौत

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,ट्विटर