बेंगलुरु/मुंबई. कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के 16 विधायकों पर सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर के रमेश कुमार के फैसला लेने पर 16 जुलाई तक रोक लगा दी है जिससे संकट में फंसी एचडी कुमारस्वामी सरकार को फौरी राहत मिली है. सीएम एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा है कि वो विधानसभा में विश्वास मत पेश कर सकते हैं और कांग्रेस नेता पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भरोसा जताया है कि सरकार सदन में बहुमत साबित कर लेगी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि बीजेपी के पास पैसा है, सत्ता है और ताकत है जिसका वो इस्तेमाल गोवा से लेकर पूर्वोत्तर में कर चुकी है. बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि अगर कुमारस्वामी विश्वास मत पेश करते हैं तो हम सदन में देखेंगे कि वो क्या कहते हैं. 224 सदस्यों की कर्नाटक विधानसभा में 16 सदस्यों के इस्तीफे मंजूर होने की सूरत में 105 सदस्यों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी और उसकी सरकार बन सकती है. दोनों कैंप ने अपने-अपने विधायकों को होटल और रिजॉर्ट में ठहराया है.

कर्नाटक संकट को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक स्पीकर बागी विधायकों के इस्तीफे और अयोग्यता पर कोई फैसला नहीं करेंगे और यथास्थिति बनाए रखेंगे. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दोबारा सुनवाई से पहले कोर्ट की दखल के बाद मुंबई से कांग्रेस और जेडीएस के 11 बागी विधायक बेंगलुरू पहुंचे और स्पीकार से मुलाकात की और फिर संभवतः मुंबई लौट गए हैं. स्पीकर ने मुलाकात की वीडियोग्राफी कराई है जो वो सुप्रीम कोर्ट को भेजेंगे. विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने कहा है कि वो रात भर इस्तीफों की जांच करके कल इस पर फैसला लेंगे. बागी एमएलए से स्पीकर की मीटिंग के दौरान बीजेपी, कांग्रेस या जेडीएस का कोई भी नेता नहीं था. विधायकों से मिलने के बाद स्पीकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनका काम किसी को बचाना नहीं है. बागी विधायक इस्तीफे को लेकर उनसे बिना बात किए ही पहले राज्यपाल और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. स्पीकर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उनसे फैसला करने के लिए कहा है जिसके लिए उन्होंने पूरी मुलाकात की वीडियोग्राफी कराई है जिसे अदालत में भेजा जाएगा. स्पीकर ने कहा कि वे सभी इस्तीफों का रात भर परीक्षण करेंगे. सूत्रों से खबर है कि स्पीकर से मिलने के बाद बागी विधायक वापस एयरपोर्ट गए हैं और वापस मुंबई लौट सकते हैं. 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुुरुवार सुबह फैसला सुनाते हुए आदेश दिए था कि 10 बागी विधायकों को आज शाम 7 बजे कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के सामने पेश होना होगा और इस्तीफा देने के अपने फैसले से अवगत कराना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर से आज ही इस्तीफे पर फैसला लेने का अनुरोध किया है. शुक्रवार को मामले की अगली सुनवाई होगी. एससी ने डीजीपी कर्नाटक को निर्देश दिए हैं कि बेंगलूरु से मुंबई आने पर 10 विधायकों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करें. ये सुरक्षा अनुरोध पर प्रदान की जा रही है.

कर्नाटक के 10 बागी विधायकों से मिलने मुंबई पहुंचे मंत्री डीके शिवकुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. बता दें कि कर्नाटक की कुमारास्वामी सरकार से इस्तीफा देने के बाद ये सभी विधायक मुंबई के पवई इलाके में एक होटल में ठहरे. डीके शिवकुमार के आने से पहले ही सभी विधायकों ने मुंबई पुलिस कमिश्नर से अपील की थी कि वो डीके शिवकुमार से नहीं मिलना चाहते. उन्होंने शिवकुमार से खतरा भी बताया था. इसके बाद इस इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई थी. इसके बाद पुलिस ने डीके शिवकुमार को हिरासत में ले लिया . बता दें कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा भी डीके शिवकुमार से मिलने पहुंचे थे. इस बीच कर्नाटक के दो और कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे की खबर आ रही है. एमटीबी नागराज और गणेश डुकेरी ने भी इस्तीफा दे दिया है. वहीं विधायक सौम्या रेड्डी भी कल इस्तीफा देंगे. अब कर्नाटक की कुमारास्वामी सरकार से कुल 16 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. इस बीच जिन 8 विधायकों के इस्तीफे को स्पीकर ने कानून के हिसाब से गलत ठहराया था उन्होंने स्पीड पोस्ट से दोबारा अपना इस्तीफा भेजा है. कल सुप्रीम कोर्ट में विधायकों की याचिका पर सुनवाई होगी. विधायकों का पक्ष मुकुल रोहतगी रखेंगे वहीं कांग्रेस की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी दलील रखेंगे.

कर्नाटक का नाटक अब मुंबई तक पहुंच गया है. जेडीएस और कांग्रेस की गठबंधन की सरकार के मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी के विधायकों का इस्तीफा लगातार जारी है. हालांकि मंगलवार को स्पीकर के रमेश कुमार ने साफ किया था कि किसी बागी विधायक ने उनसे मुलाकात नहीं की है और वो ग्रुप में मिले इस्तीफे स्वीकार नहीं करेंगे. वहीं दूसरी ओर मुंबई के एक होटल में रुके विधायकों से मिलने कर्नाटक के वरिष्ठ नेता डी शिव कुमार मुंबई पहुंचे. होटल में रह रहे विधायकों ने पुलिस-प्रशासन को पहले ही इसकी सूचना देते हुए कहा था कि शिव कुमार को होटल में न आने दिया जाए. इससे उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है. डी शिव कुमार होटल पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. वहीं दूसरी ओर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बीएस येदुरप्पा ने कहा है कि वो और उनके कार्यकर्ता आज विधानसभा के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे. बागी विधायकों की तरफ से ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि कर्नाटक के स्पीकर अपने संवैधानिक दायित्व का पालन नहीं कर रहे हैं, वे विधायकों का इस्तीफा नहीं स्वीकार कर रहे हैं. 

कर्नाटक के सियासी संकट में अब नजरें राज्यपाल पर टिक गई हैं. स्पीकर रमेश कुमार ने विधायकों का इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया है. अब फैसला राज्यपाल करेंगे कि इन विधायकों का इस्तीफा स्वीकार करने योग्य है या नहीं. इसके अलावा अगर बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा जैसा दावा कर रहे हैं कि उनके पास बहुमत का आंकड़ा है, उन्हें भी राज्यपाल बहुमत साबित करने के लिए बुला सकते हैं. हालांकि जिस तरह कर्नाटक का सियासी संकट बढ़ता जा रहा है कांग्रेस और जेडीएस ये कत्तई नहीं चाहेगी उनकी सरकार जाए और बीजेपी की सरकार बन जाए. मंगलवार को भी दिन भर देश के अलग-अलग हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक के नाटक के विरोध में प्रदर्शन किया. राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी. इसके अलावा लोकसभा से भी कांग्रेस के सांसदों ने वॉकआउट किया था. 

पढ़ें कर्नाटक के सियासी संकट का लेटेस्ट अपडेट:

शाम 5:30 बजे- कर्नाटक में जारी सियासी संकट को पहली बार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का बयान सामने आया है. जेडीएस-कांग्रेस की एचडी कुमारस्वामी सरकार के सामने बागी विधायकों के संकट पर बोलते हुए राहुल गांधी ने बीजेपी पर करारा हमला किया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी पैसे का इस्तेमाल कर विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है. राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी ने नॉर्थ ईस्ट में भी यही किया था.

शाम 5 बजे- कर्नाटक के पूर्व सीएम और सीनियर कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने शुक्रवार की शाम मीडिया से बातचीत में कहा कहा कि विधानसभा में मॉनसून सत्र में हमलोग जेडीएस-कांग्रेस सरकार के विश्वास मत लाने की बात कर रहे हैं और हमें विश्वास है कि हम विश्वास मत में सफल होंगे. लेकिन बीजेपी डरी हुई है, क्योंकि उसे पता है कि उसकी पार्टी के अंदर कई विधायक ऐसे हैं जो बीजेपी को धोखा दे सकते हैं.  

शाम 4 बजे- कर्नाटक में जारी सियासी संकट के बीच बीजेपी और कांग्रेस अपने-अपने विधायकों को खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रही है. जहां गुरुवार को स्पीकर के सामने पेश होने के बाद कांग्रेस के बागी विधायकों को फिर से मुंबई ले जाया गया है, वहीं बीजेपी ने  अपने सभी विधायकों को बेंगलुरु स्थित रामादा होटल में शिफ्ट कर दिया है.  

दोपहर 12:50 बजे- कर्नाटक की एचडी कुमारस्वामी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हालांकि कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है. शुक्रवार को कर्नाटर संकट मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई तक कर्नाटक स्पीकर बागी विधायकों के इस्तीफे और अयोग्यता पर कोई फैसला नहीं लेंगे. मंगलवार को मामले की सुनवाई होगी.

दोपहर 12:50 बजे- कर्नाटक में जारी सियासी संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायकों की तरफ से  पेश सीनियर वकील मुकुल रोहतनी ने कहा है कि यह मामला सिर्फ इस्तीफे का है और कर्नाटक विधानसभा स्पीकर इस्तीफा मंजूर करने में देरी कर रहे हैं. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि स्पीकर का फैसला क्या है.  

सुबह 11:45 बजे- आज से कर्नाटक विधानसभा का मॉनसूत्र शुरू हो चुका है. प्रदेश में जारी सियासी संकट के बीच विधानसभा का यह सत्र काफी अहम माना जा रहा है. कांग्रेस बीजेपी पर अपने विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगा रही है. इस बीच बीजेपीे के सीनियर नेता और कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि वह मॉनसून सत्र में पूरी तरह हिस्सा लेंगे और सदन की कार्रवाई का अभिन्न अंग बनेंगे.

सुबह 11 बजे- कर्नाटक में बागी विधायकों के कारण एचडी कुमास्वामी सरकार के सामने जारी सियासी संकट मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक और अर्जी दायर की गई है. यह अर्जी कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं ने दाखिल की है. इस अर्जी में बागी विधायकों की याचिका का विरोध किया गया है.

शुक्रवार सुबह 10 बजे- कर्नाटक में जारी सियासी संकट पर आज यानी शुक्रवार 21 जुलाई को अहम फैसला आने वाला है. कर्नाटक विधानसभा स्पीकर कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायकों के इस्तीफे की जांच कर अपना फैसला सुना सकते हैं. इस बीच बागी विधायकों के वकील मुकुल रोहदगी ने कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हैं कि वे स्पीकर को जल्द से जल्द बागी विधायकों पर फैसला सुनाने को कहें. रोहतगी ने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि आखिरकार इस्तीफे की इतनी जांच क्यों हो रही है.

शाम 7:30 बजे: कर्नाटक विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार से मिलने के बाद 11 बागी विधायक बेंगलुरु एयरपोर्ट के लिए निकल गए हैं. सूत्रों की मानें तो मुलाकात के बाद सभी विधायक वापस मुंबई के लिए निकल गए हैं. 

शाम 7:20 बजे: स्पीकर ने कहा कि विधायकों ने मीटिंग में बताया कि वे किसी के धमकाने के बाद डर से मुंबई चले गए थे. स्पीकर ने आगे कहा कि अगर ऐसी कोई बात थी तो उन्हें मेरे पास आना चाहिए था, वे उन सभी की सुरक्षा मुहैया कराते. स्पीकर ने कहा कि वे सभी विधायकों के इस्तीफों की रातभर जांच करेंगे जिसके बाद ही इसपर फैसला किया जाएगा.

शाम 7:10 बजे: कर्नाटक विधानभा स्पीकर ने कहा कि बागी विधायकों ने उनसे बात किए बिना ही राज्यपाल के पास पहुंच गए. मैं क्या कर सकता हूं, क्या यह गलत नहीं है. सभी विधायक सीधा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. सुप्रीम कोर्ट ने मुझसे कोई फैसला लेने के लिए कहा. मेरे पास पूरे मामले की वीडियोग्राफी है जिसे सुप्रीम कोर्ट भेजूंगा.

शाम 7:00 बजे: कर्नाटक विधानसभा में सियासी संकट को लेकर बागी विधायकों से मिलने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए स्पीकर रमेश कुमार ने कहा कि उनका काम किसी को बचाना नहीं है. स्पीकर ने कहा कि किसी भी विधायक ने उनसे मिलने का समय नहीं मांगा. 

शाम 6:20 बजे: कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस के बागी विधायक एचडी कुमारस्वामी सरकार से अपने इस्तीफे पर बात रखने बेंगलुरु स्थित विधानसभा स्पीकर के ऑफिस पहुंच रहे हैं. इस बीच एक वीडियो सामने आया है जिसमें बागी कांग्रेस विधायक बयारथी बसवराज भागते हुए स्पीकर ऑफिस पहुंचते दिख रहे हैं.  

शाम 6 बजे: कुछ ही पलों में कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस वाली एचडी कुमारस्वामी सरकार की किस्मत का फैसला होने वाला है. कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में विधानसभा अध्यक्ष के ऑफिस पहुंच चुके हैं और कुछ दी देर में पता चल जाएगा कि वे अपने इस्तीफे पर अब भी कायम हैं या सरकार का हिस्सा बने रहने की बात करते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इन बागी विधायकों को शाम 6 बजे कर्नाटर विधानसभा स्पीकर के सामने पेश होने का निर्देश दिया था.

गुुरुवार शाम 3:30 बजे: कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार प्रदेश की जेडीएस-कांग्रेस सरकार को बचाने की पूरी कोशिश में लगे हैं. गुरुवार शाम कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायकों की विधानसभा स्पीकर के सामने पेशी होनी है. इससे पहले एचडी कुमारस्वामी और डीके शिवकुमार ने विधानसभा के बाहर की सुरक्षा का जायजा लिया.

गुुरुवार दोपहर 2 बजे: कर्नाटक में जारी राजनीतिक संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जेडीएस-कांग्रेस सरकार के बागी विधायक मुंबई से बेंगलुरु के लिए निकल चुके हैं. गुरुवार दोपहर कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायक मुंबई स्थित छत्रपति शिवाजी टर्मिनल पर दिखे. आज शाम उन्हें बेंगलुरु में विधानसभा स्पीकर के सामने पेश होना है और अपना इस्तीफे पर ताजा स्थिति सामने रखनी है. इसके बाद आगे की संभावनाओं पर बातचीत और कार्रवाई होगी.

गुरुवार दोपहर 12:10 बजे: कर्नाटक और गोवा में जारी संकट को लेकर सड़क से संसद तक चर्चा चल रही है. गुरुवार को राज्यसभा में कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम में कहा कि गोवा और कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं के सामने जो स्थिति पैदा कर दी गई है, उससे लोकतंत्र को तो नुकसान हो ही रहा है, साथ ही इससे विदेशी निवेश और अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है.   

गुरुवार सुबह 11.50: गुरुवार सुबह कर्नाटक के सीनियर कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा कि पार्टी को विश्वास है कि प्रदेश में कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार बचेगी और मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस और जेडीएस के जिन नेताओं ने इस्तीफा दिया है, वे अपना इस्तीफा वापस लेंगे और पार्टी में वापस लौटेंगे. 

गुरुवार सुबह 11.30: कर्नाटक और गोवा में जारी संकट के बीच कांग्रेस इन प्रदेशों में बिखरने के कगार पर है. इस बीच दिल्ली में संसद भवन के बाहर यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन किया. कांग्रेस शुरू से बीजेपी पर आरोप लगाती रही है कि कर्नाटक और गोवा में वह कांग्रेस के विधायकों को खरीद रही है.

सुबह 11.20: बजे सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाते हुए आदेश दिए हैं कि 10 बागी विधायकों को आज शाम 6 बजे कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के सामने पेश होना का  आदेश दिया है.

शाम 5.15 बजे:  कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी ने कहा, “मंत्रियों और विधायकों के साथ धक्कामुक्की देखना बहुत झुंझलाहट भरा है. महाराष्ट्र पुलिस की तरफ से इस तरह के बर्ताव से शक होता है कि यह बीजेपी की तरफ से हॉर्स ट्रेडिग की कोशिश है. यह हमारे देश के लोकतंत्र पर काला धब्बा है.” 

शाम 5 बजे- एमटीबी नागराज और गणेश डुकेरी ने भी इस्तीफा दे दिया है. वहीं विधायक सौम्या रेड्डी भी कल इस्तीफा देंगे. अब कर्नाटक की कुमारास्वामी सरकार से कुल 16 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. इस बीच जिन 8 विधायकों के इस्तीफे को स्पीकर ने कानून के हिसाब से गलत ठहराया था उन्होंने स्पीड पोस्ट से दोबारा अपना इस्तीफा भेजा है. कल सुप्रीम कोर्ट में विधायकों की याचिका पर सुनवाई होगी. विधायकों का पक्ष मुकुल रोहतगी रखेंगे वहीं कांग्रेस की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी दलील रखेंगे. अगर इन विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है तो कर्नाटक विधानसभा में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन अल्पमत में आ जाएगी. वहीं सदन के नए समीकरण के हिसाब से बीजेपी के पास बहुमत है. उसके साथ 105 विधायक हैं. वहीं कांग्रेस के साथ 103 विधायक हैं.

शाम 4: बजे- कर्नाटक के मंत्री डी के शिवकुमार, मिलिन देवड़ा और बाकी कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. उन्हें कालिना यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में रखा गया है. ये सभी नेता मुंबई के कन्वेंशन सेंटर होटल में घुसने की कोशिश कर रहे थे जहां से पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा- ऐसा लगता है महाराष्ट्र में मार्शल लॉ लागू है. एक मंत्री जिसने होटल में कमरा बुक किया है उसे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा.

कर्नाटक विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा

मुंबई के पवई में धारा 144 लागू- यहीं ठहरे हैं कर्नाटक के बागी विधायक

कर्नाटक के बागी विधायक रमेश जरकिहोली ने कहा- हमें उनसे (डीके शिवकुमार) मिलने में कोई दिलचस्पी नहीं है. हम से मिलने कोई बीजेपी से भी नहीं

बागी कांग्रेसी विधायक बी बसावराज ने कहा- हमें उन पर (डीके शिवकुमार) भरोसा है लेकिन कोई कारण है जो हमने ये कदम उठाया है. दोस्ती, प्यार सब एक तरफ, पूरे सम्मान के साथ मैं कहना चाहूंगा कि वो समझें कि हम उनसे आज क्यों नहीं मिल सकते.

कर्नाटक का सियासी संकट पहुंचा सुप्रीम कोर्ट- कर्नाटक के बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में दी याचिका, स्पीकर अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वाहन नहीं कर रहे, हमारा इस्तीफा नहीं स्वीकार कर रहे. सु्प्रीम कोर्ट कल मामले की सुनवाई करेगा.

बागी विधायकों से मिलने पहुंचे डीके शिवकुमार ने कहा- साथ पैदा हुए, साथ मरेंगे

बीजेपी नेता और पूर्व सीएम बीएस येदुरप्पा देंगे विधानसभा के बाहर धरना

विधायकों ने पुलिस से की थी शिकायत, शिवकुमार से है खतरा

डीके शिवकुमार ने कहा था मैंने कमरा बुक किया है, यहां मेरे दोस्त रह रहे हैं

कर्नाटक विधानसभा की वर्तमान स्थिति
-224 कुल सीटें हैं
-113 सीट बहुमत के लिए
14 विधायकों के इस्तीफे के बाद स्थिति क्या
-210 रह जाएगी विधायकों की संख्या, स्पीकर सहित
– 107 विधायक भाजपा के हैं, एक अन्य का भी समर्थन
– 104 विधायक अभी सरकार के साथ, स्पीकर सहित
– 105 विधायकों का समर्थन चाहिए सरकार बनाने के लिए

क्या हुआ था विधानसभा चुनावों में: कर्नाटक में कुल 224 विधानसभा सीटें हैं. बहुमत पाने के लिए 113 विधायकों का समर्थन जरूरी है. 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. बीजेपी को 104 सीटें मिली थीं वहीं कांग्रेस को 80 और जेडीएस को 37 सीटें मिलीं थीं. किसी भी दल के पास बहुमत नहीं था. बीएस येदुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली लेकिन बहुमत नहीं जुटा पाए. कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन कर लिया. येदुरप्पा को इस्तीफा देना पड़ा. कर्नाटक में तीसरे नंबर पर रही जेडीएस के नेता एचडी कुमारास्वामी ने नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

कर्नाटक में अब क्या हो सकता है
पहली संभावना: एचडी कुमारास्वामी को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला कांग्रेस को मजबूरी में करना पड़ा था. इसके पीछे सिर्फ एक वजह थी बीजेपी को सत्ता से बाहर रखना. हालांकि अंदरखाने कांग्रेसी विधायक इस बात से खुश नहीं थे कि राज्य में तीसरे नंबर पर रहने वाली पार्टी अचानक से नंबर 1 हो गई. कांग्रेसी मंत्रियों ने इस्तीफा सौंप दिया है. ऐसे में एक संभावना बनती है कि कुमारास्वामी की जगह अगर कांग्रेस का कोई चेहरा नया मुख्यमंत्री बनता है तो पार्टी के विधायकों को मनाया जा सकता है. वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए चल रहा है. खड़गे, बेंगलुरू पहुंच भी चुके हैं. कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी दोबारा मुख्यमंत्री की कुर्सी चाहते हैं. ऐसे में अगर वर्तमान गठबंधन को सत्ता में कायम रहना है तो शायद रास्ता यहीं हो. लेकिन क्या कुमारास्वामी इतनी आसानी से अपना पद छोड़ने को तैयार हो जाएंगे यह सबसे बड़ा सवाल है. अगर कुमारास्वामी पद छोड़ने से इनकार कर देते हैं जिसकी ज्यादा संभावना है तो फिर इस कर्नाटक के इस सियासी संकट का हल कुछ और होगा.

दूसरी संभावना: कर्नाटक में बेशक बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन जनता ने उसे बहुमत से दूर रखा. बीएस येदुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली थी लेकिन बहुमत साबित करने में नाकाम रहने पर उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. ऐसे में वह टीस बीजेपी के अंदर अभी भी है कि सबसे बड़ी पार्टी रहते हुए भी वह सत्ता से बाहर है. कुमारास्वामी सरकार शुरुआत से ही किसी न किसी विवाद में उलझी है. सरकार बनने के 13 महीने बाद येदुरप्पा के पास दोबारा मुख्यमंत्री बनने का मौका है. कांग्रेस के 14 विधायकों के इस्तीफे के बाद सदन में बीजेपी के पास बहुमत का आंकड़ा आ गया है.

तीसरी संभावना: कर्नाटक में अगर वर्तमान सरकार गिरती है और बीजेपी के सरकार बनाने के दावे को राज्यपाल मंजूरी नहीं देते हैं तो राज्य में राष्ट्रपति शासन का ही विकल्प बचेगा. ऐसे में मुख्यमंत्री की जगह राज्यपाल के हाथों में कमान आ जाएगी. कर्नाटक को जल्द ही दोबारा विधानसभा चुनावों से गुजरना होगा. ऐसे में कर्नाटक की सियासत में दोषारोपण और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलेगा. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार नहीं चाहेगी कि पार्टी की छवि ऐसी बने कि वह किसी भी कीमत पर सत्ता चाहती है. चाहे इसके लिए बनी-बनाई सरकार को अस्थिर क्यों न करना पड़े. नरेंद्र मोदी ऐसा नहीं चाहेंगे कि बीजेपी की सत्तालोलुप छवि बने. ऐसे में वह स्थानीय पार्टी नेतृत्व को बहुमत के लिए तिकड़म करने से मना कर सकते हैं. ऐसे में दोबारा चुनाव ही कर्नाटक के सियासी संकट का समाधान हो सकता है.

Karnataka Congerss JDS Kumaraswamy Govt Crisis: संसद के दोनों सदनों में कर्नाटक पर हंगामा, राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित, लोकसभा से कांग्रेस सांसदों का वॉकआउट, कुमारास्वामी सरकार के मंत्रियों के इस्तीफे पर बोले स्पीकर-ग्रुप में इस्तीफा स्वीकार नहीं

Karnataka Congerss JDS Kumaraswamy Govt Crisis: जेडीएस-कांग्रेस के बागी मंत्री पुणे से गोवा हुए शिफ्ट, बीजेपी की टिकी नजर

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App