नई दिल्लीः GDP Growth Rate In 2017-18: आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार को लेकर लगातार विपक्ष के हमले झेल रही नरेंद्र मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) ने 2017-18 के दौरान रहे GDP विकास दर को संशोधित किया है और बताया है कि 2017-18 के दौरान भारत की GDP विकास दर 6.7 नहीं, बल्कि 7.2 फीसदी रही. इससे पहले केंद्रीय सांख्यिकी संगठन ने इस दौरान जीडीपी विकास दर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया था. मालूम हो कि लोकसभा चुनाव से पहले आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार के लिए यह अच्छी खबर है.

  1. उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सांख्यिकी संगठन ने मौजूदा वित्त वर्ष में विकास दर 7 फीसदी से ज्यादा रहने की उम्मीद जताई है. इस साल की शुरुआत में केंद्रीय सांख्यिकी संगठन ने कहा था कि वित्त वर्ष 2018-19 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.2 फीसदी की रफ्तार से बढ़ सकती है.
  2. सीएओ के मुताबिक, 2016-17 के दौरान भारत की जीडीपी 122.98 लाख करोड़ रुपये और 2018-19 के दौरान 131.80 लाख रुपये की रही. इस तरह 2017-18 के दौरान जीडीपी की रफ्तार 7.2 फीसदी रही.
  3. सीएसओ ने जनवरी में जारी आंकड़ों में बताया था कि मौजूदा वित्त वर्ष में एग्रीकल्चर और मछली पालन में वृद्धि दर 3.8 फीसदी रहंने की संभावना है. पिछले वित्त वर्ष में इस क्षेत्र में 3.8 फीसदी की रफ्तार दिखी थी.
  4. केंद्रीय सांख्यिकी संगठन ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के बारे में बताया था कि यह सेक्टर ऊंची छलांग लगा सकता है. साल 2017-18 के 5.7 फीसदी के मुकाबले इस सेक्टर में 8.3 फीसदी रफ्तार का अनुमान है.
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