नई दिल्ली. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने एक बयान में देश की वित्तीय हालत पर विमर्श की जानकारी दी. अरुण जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (शुक्रवार) एक मीटिंग की जिसमें आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल, डेप्युटी गवर्नर, वित्त मंत्रालय के अधिकारी और प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी मौजूद रहे. इस मीटिंग में इंफ्रास्ट्रक्टर लोन की शर्तों पर विचार करने की बात कही.

इस प्रेस कांफ्रेंस में वित्तमंत्री ने बताया कि आरबीआई गवर्नर ने एक प्रजेंटेशन दिया जिसका सार यह था कि भारत की अर्थव्यवस्था बाहरी कारणों से प्रभावित हो रही है. वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर काफी ज्यादा है जिसकी वजह से दूसरे देशों के मुकाबले में महंगाई काबू में है. बाहरी कारकों की वजह से भारत का चालू खाता भी प्रभावित हो रहा है. 

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तेल की कीमतों पर बढ़ोत्तरी और वित्त मंत्री ने कहा कि अमेरिका में कुछ नीतिगत फैसले लिए गए हैं जिनकी वजह से डॉलर मजबूत हुआ है. अंतर्राष्ट्री बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से इसका असर भी हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. वित्तमंत्री अरुण जेटली का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सरकार तेल की बढ़ती कीमत और रोजाना कमजोर हो रहे रुपये पर चौतरफा घिरी है. वित्त मंत्री अरुण जेटली इससे पहले भी कह चुके हैं कि रुपये की वैल्यू नहीं गिरी बल्कि डॉलर मजबूत हुआ है. 

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