नई दिल्ली. Economic Survey 2019 key Highlights: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज गुरुवार 4 जुलाई को संसद में आर्थिक सर्वे पेश किया. आर्थिक सर्वे रिपोर्ट मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम और उनकी टीम ने तैयार की है. गुरुवार सुबह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले राज्यसभा और फिर लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली इकॉनोमिक सर्वे रिपोर्ट पेश की. आर्थिक सर्वे में 5 साल में विकास दर में बढ़ोतरी, साल 2019-20 में जीडीपी 7 फीसदी रहने की उम्मीद के साथ ही आने वाले समय में तेल की कीमतों में कमी का अनुमान जताया गया है. आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में जनरल राजकोषीय घाटा 5.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है. शुक्रवार 5 जुलाई को वित्त मंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला फुल बजट पेश करेगी. बजट 2019 से आम जनता को काफी उम्मीदें हैं.

नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करते हुए वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि साल 2019-20 के दौरान भारत की विकास दर में तेजी देखने को मिलेगी और भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली इकॉनमी बनी रहेगी. वित्त मंत्री ने कहा कि ग्लोबल ग्रोथ यानी वैश्विक विकास कम रहने की संभावना है.

नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की प्रमुख बातें:

  1. नरेंद्र मोदी सरकार में साल 2019-20 के दौरान आर्थिक विकास की दर बढ़ेगी और वित्त वर्ष 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की इकॉनमी बनने के लिए भारत को हर साल 8 फीसदी की ग्रोथ हासिल करनी होगी.
  2. नरेंद्र मोदी सरकार में साल 2019-20 के दौरान जीडीपी 7 फीसदी रहने की उम्मीद जताई गई है. आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र में स्थित सरकार रहने का फायदा आर्थिक विकास दर पर पड़ा है.
  3. आर्थिक विकास दर में इस बात का विशेष रूप से जिक्र किया गया है कि वित्त वर्ष 2019 में सामान्य वित्तीय घाटा 5.8 फीसदी रहा. वित्त वर्ष 2018 में सामान्य वित्तीय घाटा 6.4 फीसदी था.
  4. आर्थिक सर्वे 2019 के मुताबिक, वित्त वर्ष 2019 में मंदी का कारण नॉन-बैंकिंग फाइनैंशल कंपनियों (एनबीएफसी) में नकदी संकट है. इसकी वजह से अर्थव्यवस्था में सुस्ती देखने को मिली है.
  5. आर्थिक सर्वे में मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यन ने जिक्र कियाहै कि वित्त वर्ष 2019-20 में मांग बढ़ने से निवेश की दर बढ़ेगी. साथ ही उन्होंने इस वित्तीय वर्ष में तेल की कीमतों में गिरावट का भी अनुमान जताया है, जिससे भारत में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में कमी के आसार हैं.
  6. इकॉनोमिक सर्वे रिपोर्ट 2019 के अनुसार, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की उदार नीति से रीयल लेंडिंग रेट्स (वास्तविक उधारी दरों) में कटौती हुई है और नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) में गिरावट से कैपेक्स साइकल में तेजी का अनुमान जताया गया है.

उल्लेखनीय है कि गुरुवार सुबह केवी सुब्रमण्यन ने कहा कि उनकी टीम ने आर्थिक सर्वे रिपोर्ट तैयार करने में काफी मेहनत की है और उम्मीद है कि रिजल्ट अच्छा आएगा. आर्थिक सर्वेक्षण 2019 भारतीय अर्थव्यवस्था के बीते एक साल का रिपोर्ट कार्ड है. आर्थिक सर्वेक्षण वित्त मंत्रालय के सबसे प्रामाणिक दस्तावेज के रूप में जाना जाता है. कल 5 शुक्रवार 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट भाषण देते हुए मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करेंगी. बजट 2019 से लोगों को काफी उम्मीदें हैं.

Budget 2019: दूसरी नरेंद्र मोदी सरकार के पहले बजट में इनकम टैक्स में होंगे ये 5 बड़े बदलाव

Economic Survey 2019 Before Union Budget: यूनियन बजट 2019 से पहले राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, जानें कब और कहां देखें बजट 2019 लाइव

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App