Sunday, September 25, 2022

RSS चीफ Mohan Bhagwat से मुलाकात के बाद इलियासी ने बताया उन्हें ‘राष्ट्र-पिता’ और ‘राष्ट्र-ऋषि’

नई दिल्ली. अखिल भारतीय इमाम एसोसिएशन के प्रमुख डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने गुरुवार को आरएसएस चीफ मोहन भागवत से मुलाकात की, इस मुलाकात के बाद इलियासी के सुर कुछ बदले-बदले से हैं. डॉ. इलियासी ने मोहन भागवत की तारीफ़ में उन्हें ‘राष्ट्रपिता’ और राष्ट्र ऋषि तक कह दिया. उन्होंने कहा कि मोहन भागवत आज मेरे निमंत्रण पर पधारे हैं, वह ‘राष्ट्र-पिता’ और ‘राष्ट्र-ऋषि’ हैं, उनका जितना बखान किया जाए उतना कम है. इलियासी ने कहा कि भागवत की आज की यात्रा से देश में एक अच्छा संदेश जाएगा. भगवान की पूजा करने के हमारे तरीके अलग हैं लेकिन सबसे बड़ा धर्म मानवता का है और हमारा मानना है कि सबसे आगे देश है. देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है.

बता दें कि गुरुवार सुबह सबसे पहले RSS प्रमुख मोहन भागवत ने ऑल इंडिया मुस्लिम इमाम ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी समेत अन्य मुस्लिम नेताओं से मुलाकात की थी, इसके बाद उन्होंने मदरसों का दौरा किया और बच्चों से भी मुलाकात की.

“कोई जोड़ने वाला चाहिए”

ऐसा पहली बार हुआ है जब आरएसएस चीफ मोहन भगवत ने मदरसों का दौरा किया है और बच्चों से मुलाकात की है. मदरसे में बच्चों से मुलाकात के दौरान मोहन भागवत ने उनसे उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली. वहीं, इस मुलाकात के बाद आरएसएस के इंद्रेश कुमार ने कहा कि ये एक कोशिश है, 70 साल से तो लड़ ही रहे हैं. अब अगर जोड़ने वाले लोग ताकत से लड़ेंगे तो बांटने वाले कमजोर होंगे. देश में हिंदू-मुस्लिम करना बहुत गलत है. मोहनजी मुस्लिमों से पहले मुंबई में मिले, फिर 22 अगस्त को बुद्धिजीवियों से मिले, फिर आज का पेंडिंग इंविटेशन था इलियासी के यहां से, उसके बाद वो आज यहाँ बच्चों से मिले.

बड़े होकर डॉक्टर बनेंगे

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बताया कि इलियासी का हिंदूराव के पास एक मदरसा है, वहां भी वो गए. और उन्होंने बच्चों से पूछा क्या पढ़ते हो, क्या बनोगे. इसके जवाब में बच्चों ने कहा कि डॉक्टर-इंजीनियर. इस पर भागवत ने कहा कि सिर्फ धर्म की पढ़ाई करके कैसे डॉक्टर-इंजीनियर बनोगे. इसके लिए आधुनिक शिक्षा की ज़रूरत है. इसपर इलियासी ने कहा कि वो मॉडर्न एजुकेशन देने को लेकर भी काम कर रहे हैं. इलियासी ने कहा कि वो संस्कृत भी पढ़ाएंगे, क्योंकि उससे बहुत ज्ञान मिलता है, उन्होंने गीता का भी ज़िक्र करते हुए कहा कि गीता से भी बहुत ज्ञान मिलता है.

 

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