नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को ‘नेशनल हेराल्ड’ और ‘यंग इंडिया’ के टैक्स मूल्यांकन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से फौरी राहत नहीं मिली है. राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें ‘नेशनल हेराल्ड’ और ‘यंग इंडिया’ के टैक्स मूल्यांकन की दोबारा जांच करने को कहा गया है. मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी.

बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान एएसजी तुषार मेहता ने कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जब राहुल गांधी से पूछा कि क्या वह इन कंपनियों में डायरेक्टर हैं तो राहुल ने नहीं में जवाब दिया था. इसी वजह से इन कंपनियों के बारे में जांच की जाने की जरूरत है क्योंकि इस मामले में टैक्स चोरी किए जाने की आशंका दिखाई दे रही है. आयकर विभाग की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राहुल गांधी ने ‘यंग इंडिया’ की डायरेक्टरशिप से खुद को अलग नहीं किया है. उन्होंने यह बात छुपाई थी.

आयकर विभाग ने कोर्ट को बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने एसोसिएट जर्नल लिमिटेड को 99 करोड़ रुपये दिए थे. दूसरी ओर राहुल गांधी के वकील ने कहा कि जब इसकी (यंग इंडिया) इनकम ही नहीं है तो टैक्स भी नहीं बनता है. बता दें कि आयकर विभाग ने नेशनल हेराल्ड पर 250 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. साथ ही इसी मामले में दिल्ली स्थित नेशनल हेराल्ड हाउस को जब्त किए जाने की भी आशंका जताई जा रही है. हालांकि राहुल गांधी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था.

ये है पूरा मामला?
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने गांधी परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि गांधी परिवार हेराल्ड की संपत्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहा है. स्वामी साल 2012 में इस आरोप को लेकर कोर्ट गए थे. 26 जून, 2014 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे को समन जारी किया और अदालत में पेश होने के आदेश दिए. तब से यह मामला कोर्ट में लंबित है.

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