नई दिल्ली. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने नरेंद्र मोदी की लहर और बीजेपी के अंडर करंट के सवाल पर कहा है कि लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों में बीजेपी की सीटें बढ़ेंगी, बीजेपी कैडिडेट्स की जीत के मार्जिन भी बढ़ेंगे और एनडीए का नंबर भी बढ़ेगा. इंडिया न्यूज की पत्रकार शीला भट्ट के साथ इंटरव्यू में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि 26 मई को 2 बजे सबको पता चल जाएगा कि देश की जनता क्या चाहती है और दोबारा नरेंद्र मोदी की सरकार बनेगी. अमित शाह ने 20 मिनट लंबे इंटरव्यू में उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सपा, मायावती की बसपा और अजित सिंह की रालोद के महागठबंधन से लेकर खुद के अगली सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने तक, तमाम तरह के सवालों के जवाब दिए. अमित शाह ने नरेंद्र मोदी सरकार के पांच साल के कार्यकाल में देश की राजनीति से तीन नासूर के खत्म होने का दावा किया- जातिवाद की राजनीति, परिवारवाद की राजनीति और तुष्टिकरण की राजनीति. अमित शाह ने मोदी सरकार की सबसे बड़ी पांच उपलब्धियों में भारत का सम्मान दुनिया में बढ़ना, देश की सुरक्षा मजबूत होना, देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत होना, देश के 50 करोड़ गरीबों के जीवन में बेहतर बदलाव लाना और देश में ये भरोसा पैदा करना कि देश आगे बढ़ सकता है और पांच साल मोदी और प्रधानमंत्री रहे तो भारत भी महाशक्ति बन सकता है.

  1. अमित शाह इंटरव्यू: यूपी में अखिलेश मायावती अजित के एसपी बीएसपी रालोद महागठबंधन की चुनौती
  2. अमित शाह इंटरव्यू: नरेंद्र मोदी सरकार की पांच साल की उपलब्धि
  3. अमित शाह इंटरव्यू: पांच साल में देश की राजनीति में बदलाव
  4. अमित शाह इंटरव्यू: राज्यसभा सांसद थे तो फिर लालकृष्ण आडवाणी की गांधीनगर सीट से लोकसभा क्यों लड़े
  5. अमित शाह इंटरव्यू: अटल-आडवाणी जोड़ी से मोदी-शाह जोड़ी की तुलना
  6. अमित शाह इंटरव्यू: जनता का कोई ऐसा रिस्पांस जो बीजेपी को सूट ना करे
  7. अमित शाह इंटरव्यू: क्या कांग्रेस मुक्त भारत की राजनीति एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान में नाकाम हुई
  8. अमित शाह इंटरव्यू: राफेल मुद्दा से कांग्रेस को कोई फायदा होगा क्या
  9. अमित शाह इंटरव्यू: क्या नरेंद्र मोदी की अगली सरकार में कैबिनेट मंत्री बनेंगे
  10. अमित शाह इंटरव्यू: लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर है या अंडर करंट

अमित शाह इंटरव्यू: यूपी में अखिलेश मायावती अजित के एसपी बीएसपी रालोद महागठबंधन की चुनौती

देश की नई संसद का भविष्य यूपी के चुनाव तय करेंगे. महागठबंधन की थ्योरी को आप 15 साल पहले के चश्मे से देख रही हैं. एक समय था जब वोट बैंक नेता और जाति के आधार पर ट्रांसफर हुआ करते थे. दिल्ली के ड्राइंग रूम में बैठकर नेता वोट बैंक की उठापटक करते थे. नरेंद्र मोदी के 5 साल शासन करने के बाद इस पिक्चर में बदलाव आया है. जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति, तुष्टिकरण की राजनीति में अब किसी को सफलता मिलने की गुंजाइश नहीं है. दो नेताओं या दो दलों के मिलने से मतदाता अपना मन बदल देंगे, ऐसा मानना दकियानूसी राजनीति माना जाएगा. आप लोगों का ये आकलन फिर गलत साबित होने वाला है. एक बार पहले भी गलत साबित हो चुका है. जैसे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ तो आप लोगों ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2014 में कांग्रेस का वोट इतना परसेंट था , इतना परसेंट सपा का वोट था, दोनों को मिलाओ तो 270 सीट आएगी. कुछ नहीं आया जी. अगर वोट बैंक ट्रांसफर की थ्योरी काम करती तो उस समय भी 270 सीट का गणित था ही. लेकिन वो ध्वस्त हो गई. 325 सीटें बीजेपी की आई. आप मानकर चलिए कि देश और खास तौर पर यूपी की राजनीति में जातिवाद, परिवावाद और तुष्टिकरण की राजनीति समाप्त हो गई है. प्रदर्शन की राजनीति का युग शुरू हुआ है. अब एक जाति की सरकार आई तो एक जाति का कल्याण करेगी, दूसरी जाति की सरकार आई तो दूसरी जाति का कल्याण करेगी- ये चीजें बहुत पीछे छूट गई हैं. सभी जातियां ये सोचती हैं कि एक ऐसी सरकार चाहिए जो सबका विकास करे.

अमित शाह इंटरव्यू: नरेंद्र मोदी सरकार की पांच साल की उपलब्धि

भारतीय जनता पार्टी नरेंद्र मोदी सरकार के काम के आधार पर चुनाव लड़ रही है. हम सरकार के प्रदर्शन के आधार पर ही चुनाव लड़ रहे हैं. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को दुनिया में बड़ा सम्मान मिला है. देश की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है. देश के अर्थतंत्र में काफी सुधार हुआ है. देश के 50 करोड़ गरीबों के जीवन में हम सार्थक परिवर्तन लाए हैं. देश के लोगों को भरोसा हुआ है कि नरेंद्र मोदी पांच साल और प्रधानमंत्री बनते हैं तो देश महाशक्ति बनने की दिशा में जा सकता है.

अमित शाह इंटरव्यू: पांच साल में देश की राजनीति में बदलाव

तीन नासूर जो हमारे देश की राजनीति को ग्रसित करके बैठे थे. जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण. ये तीनों नासूर का असर ना के बराबर रह गया है. राजनीति अब प्रदर्शन के आधार पर होने लगी है. मेरा मानना है कि देश के लोकतंत्र के लिए ये बहुत शुभ चिह्न है. हम चाहते हैं कि सभी तरह के विचार देश में हों. सह अस्तित्व हो सारे विचारों का. हमने अपना विचार जनता के सामने रखा है. विपक्ष ने अपना विचार सामने रखा है. जनता को तय करना है कि कौन सा विचार अच्छा है.

अमित शाह इंटरव्यू: राज्यसभा सांसद थे तो फिर लालकृष्ण आडवाणी की गांधीनगर सीट से लोकसभा क्यों लड़े

ऐसा क्या है कि ना लडूं. मैं हमेशा जनता के बीच से सदन में गया हूं. पांच बार जनता के बीच से चुनकर गुजरात विधानसभा में गया. जब मेरा विधायक का कार्यकाल खत्म हुआ तो लोकसभा का चुनाव नहीं था इसलिए मैं राज्यसभा के माध्यम से संसद में गया. अब लोकसभा का चुनाव है तो मैं लोकसभा लड़ रहा हूं. इसमें कौन सी बड़ी बात है. मैं जनता के जनादेश से आना चाहता हूं. आप इस भ्रम से बाहर निकल जाइए कि मेरी सीट मैं तय कर सकता हूं. मेरी सीट पार्टी तय करती है. गांधीनगर से मुझे लड़ना है, ये पार्टी का निर्णय है. और मुझे गौरव है कि जिस सीट से पुरुषोत्तम गणेश मावलंकर, अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जी सांसद रहे, मुझे उस सीट से लड़ने का मौका पार्टी ने दिया है. अगर जनादेश मिलेगा तो उस सीट का संसद में प्रतिनिधित्व करूंगा जिसे इतने बड़े-बड़े नेताओं ने रिप्रेजेंट किया है.

अमित शाह इंटरव्यू: अटल-आडवाणी जोड़ी से मोदी-शाह जोड़ी की तुलना

इस प्रकार से तुलना करना ठीक नहीं है. अभी आपको मोदी-शाह इसलिए दिखाई पड़ता है क्योंकि मैं पार्टी का अध्यक्ष हूं. हमारे यहां आजीवन पार्टी के अध्यक्ष की परंपरा नहीं है. अध्यक्ष बदलेगा तो मोदी जी के साथ एक और नाम जुड़ जाएगा. अटल-आडवाणी के साथ तुलना ठीक नहीं है. ये बड़े कद के नेता रहे जिन्होंने 50 सालों तक भारतीय जनता पार्टी को सींचा. हम सबको बढ़ाया है. हमने इनके साथ काम किया है. इनके हाथ के नीचे काम किया है. इस प्रकार की तुलना कम से कम मुझे उचित नहीं लगती. मैं अपनी पार्टी के विचार और सिद्धांत पर अपने तरीके से काम करता हूं.

अमित शाह इंटरव्यू: जनता का कोई ऐसा रिस्पांस जो बीजेपी को सूट ना करे

हमने एक निर्णय करने वाली सरकार दी है. हमने एक कठोर फैसले करने वाली सरकार दी है. देश को सुरक्षित करने वाली सरकार दी है. देश की अर्थव्यवस्था को 11वें नंबर से 6ठे नंबर पर ले जाने वाली सरकार दी है. देश के 50 करोड़ गरीबों के जीवन में बदलाव लाने वाली सरकार दी है. दुनिया में देश का सम्मान बढ़ाने वाली सरकार दी है. और एक ऐसा नेता देने का काम किया है जिसकी राह देश की जनता 70 साल से देख रही थी. मैं मानता हूं कि पांच साल में इससे ज्यादा अच्छा शायद नहीं हो सकता था. फिर भी कुछ कमियां रही होंगी तो मेरा मानना है कि कमियों से हमारी उपलब्धियां बहुत ज्यादा हैं. और मैं उम्मीद करता हूं कि देश की जनता हमें एक बार फिर से पांच साल काम करने का जनादेश देगी. मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री बनाएगी.

अमित शाह इंटरव्यू: क्या कांग्रेस मुक्त भारत की राजनीति एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान में नाकाम हुई

हो सकता है कि हमारी यात्रा लंबी हो. हमारा प्रयास चालू है. देश को कांग्रेस कल्चर से मुक्त करना चाहिए. आंतरिक लोकतंत्र वाली पार्टी आनी चाहिए. करप्शन ना करे, ऐसी पार्टी आनी चाहिए. शुद्ध रूप से देश का हित सोचने वाली पार्टी आनी चाहिए. वोट बैंक की राजनीति करने वाली पार्टी नहीं आनी चाहिए.

अमित शाह इंटरव्यू: राफेल मुद्दा से कांग्रेस को कोई फायदा होगा क्या

अनर्गल आरोप लगाने से किसी की स्थिति मजबूत नहीं होती. अगर उनके पास तथ्य हैं तो सारे तथ्य लेकर कोर्ट के सामने जाना चाहिए था. सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस करना, निराधार आरोप लगाना, ये कभी ठहरते नहीं है. देश की जनता जरा भी इन आरोपों को मानती नहीं है. राफेल की खरीद में रक्षा खरीद प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया है. किसी को भी एक पैसे का फेवर नहीं किया गया है. और ना ही इसमें फूटी कौड़ा का भी भ्रष्टाचार है.

अमित शाह इंटरव्यू: क्या नरेंद्र मोदी की अगली सरकार में कैबिनेट मंत्री बनेंगे

मेरी पार्टी में फैसले व्यक्ति नहीं करते, पार्टी करती है. और मेरे बारे में तो मैं फैसला कर ही नहीं सकता. पार्टी जो फैसला करेगा, उसके अनुसार होगा. मैं पार्टी का अध्यक्ष हूं, ये मेरे जैसे कार्यकर्ता के लिए गौरव और संतुष्टि का विषय है. मुझे जो काम दिया गया है उससे मैं पूर्णतया संतुष्ट हूं. इससे ज्यादा आकलन लगाने की अभी जरूरत नहीं है.

अमित शाह इंटरव्यू: लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर है या अंडर करंट

बीजेपी की सीटें भी बढ़ेगी. हमारे कैंडिडेट के मार्जिन भी बढ़ेंगे. हमारे प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों का भी विस्तार होगा. 26 तारीख तक राह देखिए. 26 तारीख को 2 बजे अपने जवाब मिल जाएगा.

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