Bengal Tableau:

नई दिल्ली, Bengal Tableau: नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर पश्चिम बंगाल की झांकी को गणतंत्र दिवस में शामिल करने का मसला अब हाईकोर्ट पहुँच गया है. इसे लेकर पर हाईकोर्ट में PIL दायर की गई है, जिस पर आज सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया.

मामले में हुई बहुत देरी- हाईकोर्ट

नेताजी पर पश्चिम बंगाल की झांकी को गणतंत्र दिवस में शामिल करने का मसला अब हाईकोर्ट पहुँच गया है. मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायधीश ने कहा कि गणतंत्र दिवस में बस एक दिन बाकी है, ऐसे में अब इस मामले पर और कुछ नहीं किया जा सकता. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने सवाल किया कि इतनी देर क्यों की गई? मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा कि अदालत इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा. इस मामले में अब बहुत ही देरी हो चुकी है. दो दिन के बाद ही गणतंत्र दिवस है इसलिए इस मामले को खारिज कर दिया गया है क्योंकि अब कुछ नहीं हो सकता.

सुभाष चंद्र बोस को नहीं मिल रहा उचित सम्मान- याचिकाकर्ता

बंगाल के एडवोकेट जनरल ने कहा कि इस मामले पर फिलहाल केंद्र और राज्य सरकार के बीच चर्चा चल रही है, वहीं याचिकाकर्ता वकील ने आरोप लगाया कि नेताजी देश नायक और स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं, फिर भी उन्हें सम्मान नहीं दिया जा रहा है.

‘केंद्र ने झांकी को ठुकराकर बंगाल के साथ किया अन्याय’- सीएम ममता

गणतंत्र दिवस पर बंगाल की झांकी शामिल न करने पर सीएम बनर्जी ने कहा, “हम यहां रेड रोड पर गणतंत्र दिवस परेड के दौरान झांकी निकालेंगे, हमारी झांकी देख के आपको चलेगा कि यह कितनी जीवंत और रचनात्मक झांकी है, जो नेताजी की वीरता और स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ की भावना और प्रेरणा को समेटे हुए है. केंद्र ने झांकी ठुकराकर पश्चिम बंगाल के साथ हुए अन्याय से अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है.”

 

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