नई दिल्ली. रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सबको चौंका दिया है. पर्रिकर ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि OROP(वन रैंक वन पेंशन) बीजेपी का एक वादा था, न कि केंद्र सरकार का. लिहाजा विभिन्न पूर्व सैनिक संगठनों के साथ हमारी जो भी सहमति बनी हमने उसमें अधिकतम दिया है. हर कोई कह रहा है कि यह सरकार का आश्वासन था जबकि सरकार ने ऐसा कोई वादा कभी किया ही नहीं.
 
यह एक राजनीतिक पार्टी का आश्वासन था और राजनीतिक पार्टी ने अपने स्तर से सर्वश्रेष्ठ संतुष्टि प्राप्त कर ली है. हमने जो वादा किया उसे पूरा कर दिया है. रक्षामंत्री ने पूर्व सैनिकों की ओर से अपने पदक जलाने की कोशिशों को राष्ट्र एवं सशस्त्र बलों का अपमान करार दिया और कहा कि यह साबित करना पूर्व सैनिकों की जिम्मेदारी है कि उनके प्रदर्शन के पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं है. पर्रिकर ने कहा, यदि मैं कुछ कहूंगा तो यह आरोप कहा जाएगा. उन्हें साबित करने दें कि यह राजनीतिक नहीं है.
 
पर्रिकर ने कहा कि एक रैंक, एक पेंशन (ओआरओपी) योजना को लागू कर बीजेपी का एक चुनावी वादा पूरा हुआ है और यह सुनिश्चित किया गया है कि पूर्व सैनिकों को अधिकतम लाभ मिले. मंत्री ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिकों को और ज्यादा मांग करने का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों को अपनी शिकायतों के लिए न्यायिक समिति का रुख करना चाहिए. 
 
 

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