हैदराबाद. एक तरफ अफवाह के बाद होने वाली हत्याओं का सिलसिला रुक नहीं रहा है तो दूसरी तरफ बीजेपी नेता इन घटनाओं को लेकर असंवेदनशील बयान देने से बाज नहीं आ रहे हैं. इस बार केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि छोटी-मोती घटनाओं को तूल देने से देश की छवि ख़राब हो रही है. वेंकैया दादरी, हिमाचल और जम्मू में हुई घटनाओं के संदर्भ में बातें कर रहे थे. 
 
वेंकैया ने कहा कि सहिष्णुता भारतीयों के खून में आनुवंशिक रूप से घुला हुआ है और बुद्धिजीवी वर्ग को ऐसी ‘छिटपुट घटनाओं’ को तूल देने से बचना चाहिए, जो देश की छवि खराब कर सकते हैं. कुछ लेखकों और मीडिया पर चुटकी लेते हुए, शहरी विकासमंत्री ने कहा कि बुद्धिजीवी कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन उन्हें ऐसा करते हुए देश की छवि को भी ध्यान में रखना चाहिए.
 
घटनाओं की आलोचना करें, देश की नहीं
उन्होंने कहा, कुछ लोग देश में हुई (हिंसा की) कुछ छिटपुट घटनाओं को तूल देने का प्रयास कर रहे हैं. वे उसे बड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं. वे दिखाना चाहते हैं कि देश में सहिष्णुता का स्तर घटा है. यह देश का अपमान कराएगा. हम घटनाओं की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन देश की नहीं.
 
राज्यसभा की पूर्व सदस्य वाई लक्ष्मी प्रसाद की पुस्तक ‘नयका त्रयम’ का विमोचन करते हुए नायडू ने कहा, हम आजकल देश में नया चलन देख रहे हैं. वे कहते हैं कि देश में सहिष्णुता घट रही है. दुनिया में भारत ही एकमात्र देश है, जहां सहिष्णुता है, यदि 100 प्रतिशत नहीं तो कम से कम 99 प्रतिशत तो है ही.
 

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