नई दिल्ली. पोर्न साइट्स पर बैन लगाने के मसले पर मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जवाब देते हुए कहा कि वह हर तरह के पोर्न पर बैन के खिलाफ है. सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल ने कहा, ‘बंद कमरे में दो वयस्क अगर कुछ देखते हैं, तो इसे रोकना नए विवाद को जन्म देगा. हम हर किसी के बेडरूम में घुसकर नहीं देख सकते कि वे क्या कर रहे हैं.’

सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री देश में डिजिटल इंडिया की बात कर रहे हैं तो ऐसे में पोर्न पर बैन लगाना संभव नहीं है. चूंकि दुनिया के अधिकतर देशों में चाइल्ड पोर्नोग्राफी प्रतिबंधित है इसलिए चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी को यहां भी बैन किया गया है.

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि हाल ही में भारत सरकार ने इंटरनेट सर्विस प्रदाताओं को ब्लॉक किए जाने वाले 857 वेबसाइट की लिस्ट सौंपी थी, जिसमें पोर्न कंटेंट थे. इसके बाद सोशल साईट्स में जब बैन के खिलाफ विवाद हुआ तो सरकार ने सिर्फ चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर प्रतिबंध के आदेश दिए.

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